मिर्जापुर। ग्रामीण क्षेत्रों को नगर से जोड़ने वाली सड़कें ध्वस्त होने से लोग परेशान हैं। गिट्टियां उखड़ने और जगह-जगह गड्ढे होने के कारण लोग हादसों का शिकार हो रहे है। रमईपट्टी-कनौराघाट मार्ग की दो किमी सड़क पर दो हजार से ज्यादा गड्ढे हैंं। कई अन्य सड़कों की भी यही दशा है।
जिले में जनप्रतिनिधियों के क्षेत्रों में सड़कों की दशा खराब है। ऊबड़-खाबड़ सड़काें पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। मझवां विधानसभा में जिला मुख्यालय से जुड़े रमईपट्टी-कनौराघाट मार्ग की दशा भी खराब है। अर्जुनपुर से पक्कापोखरा स्थित नगर सीमा तक दो किलोमीटर पर दो हजार से अधिक गड्ढ़े हैं। पूरी सड़क गड्ढे में तब्दील हो गई है। इससे सवारियों से भरे ई-रिक्शा पलट जाते हैं। दो पहिया वाहन सवार भी हादसों का शिकार हो रहे हैं।
पटेहरा-कलवारी संपर्क मार्ग की छानबे विधायक रिंकी कोल के घर तक करीब एक किलोमीटर की सड़क गड्डे में तब्दील हो गई है। लगभग पांच वर्ष पहले सड़क का मरम्मत कार्य कराया गया था। राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने वाली पथरहां टेढ़ा संपर्क मार्ग की सड़क चलने लायक नहीं है। डेढ़ किलोमीटर लंबी सड़क पर 2005 में गिट्टियां बिछाई गई थीं। इसके बाद से सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई। लालगंज : बामी धसड़ा गांव से रीवा राजमार्ग मार्ग से जुड़ने वाली सड़क गड्ढे में बदल गई है। इसी प्रकार लालगंज बाजार से कोल बस्ती तक सड़क उखड़ चुकी है। मवई तेंदुखार से बधैता, लहंगपुर से रेही तक की सड़क गड्ढे में तब्दील हो गई है।
वर्जन
रमईपट्टी-कनौराघाट मार्ग की सड़क की का मरम्मत का काम शुरू हो गया है। जहां भी पाइप लाइन डाला गया है, वहां गिट्टियां बिछा दी गई हैं और सुबह-शाम पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। जल्द ही पिचिंग कराई जाएगी। - मो. अयाज, परियोजना प्रबंधक, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई।