मिर्जापुर। कोरोना महामारी रफ्तार थमने और लगन का सीजन शुरु हो जाने के बावजूद बर्तन बाजार जोर नहीं पकड़ रहा है। धन तेरस और दीपावली के बाद से दुकानदारी न चलने से प्रतिष्ठानों में बैठे दुकानदार भी मायूस हैं। लगन को लेकर उम्मीद बंधी थी लेकिन अभी तक प्रतिष्ठानों पर नाममात्र ही ग्राहक देखे जा रहे हैं।
नवंबर और दिसंबर महीने को मिलाकर कुल महज कुल सात प्रमुख लगन हैं। ऐसे में दुकानदारों में जहां दुकानदारी को लेकर उम्मीद जगी थी। वहीं इधर प्रदूषण के नाम पर नगर में बर्तन निर्माण में लगे कारोबारियों के यहां हो रहे छापेमारी से बर्तन व्यवसाय में लगे दुकानदारों के माथे पर चिंता स्पष्ट देखी जा रही है। नगर के प्रमुख स्थानों पर परंपरागत बर्तनों के निर्माण में लगे व्यवसायी कार्रवाई की डर से निर्माण कार्य बंद कर दिए हैं। स्टेनलेस स्टील के बर्तन को छोड़कर परंपरागत पीतल, फूल के बने बर्तनों में हंडा, थार, परात के अलावा लोटा, थाली, कटोरी, गिलास, करछुल, पलटा, बटुआ के साथ अन्य बर्तनों के दाम प्रभावित होने से इनकार नहीं किया जा सकता है।