ग्रामीण क्षेत्रों में अपना मजबूत प्रभाव छोड़ने में सफल नहीं हुई। वहीं भाजपा के मंत्री, सांसद, विधायक सरीखे स्थानीय चेहरे भी पार्टी को जादुई आंकड़े तक नहीं पहुंचा सके। यह हाल तब है जब हर छोटे बड़े आयोजन, उद्घाटन, लोकार्पण को पार्टी भुना रही है और स्थानीय चेहरों को चमकाने का एक भी मौका नहीं छोड़ रही है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि मिर्जापुर में भाजपा के एक मंत्री, दो राज्यसभा सांसद और तीन विधायक के बावजूद पांच सीटों पर ही सिमट कर रह गई। दूसरी ओर भाजपा की सहयोगी पार्टी अपना दल ने फिर से ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी मजबूत दावेदारी पेश की।
मिर्जापुर से 04 और सोनभद्र से तीन सीटों पर अद एस के प्रत्याशियों ने जीत हासिल की। बसपा ने मिर्जापुर से 06, सोनभद्र और भदोही से 03-03 सीटों पर जीत हासिल की। पार्टी के पिछले रिपोर्ट कार्ड को देखा जाए तो उनका प्रदर्शन सामान्य रहा। कांग्रेस की बात करें तो मंडल के दो जिलों भदोही और सोनभद्र में खाता ही नहीं खुला। मिर्जापुर में तीन सीट से ही संतोष करना पड़ा।
मंडल में निषाद पार्टी ने दो सीट हासिल कर (सोनभद्र व भदोही) सभी को चौंका दिया। जन अधिकार पार्टी, भारतीय किसान यूनियन व महान दल ने 01-01 सीट हासिल किया। जो भी हो पर 2022 में होने वाले विधान सभा चुनाव से पहले पंचायत चुनाव के आए परिणाम ने जहां सपा में उम्मीद और आशा की नई ऊर्जा का संचार किया है तो वहीं अन्य राष्ट्रीय पार्टियों के लिए मेहनत और मंथन का कड़ा संदेश दिया है।
मिर्जापुर-44
सपा- 12
बसपा- 06
अपना दल एस-04
भाजपा-05
कांग्रेस-03
भारतीय किसान यूनियन-1
महान दल-1
निर्दल-12
संत रविदास नगर- भदोही-26
सपा-10
भाजपा-04
बसपा-03
निषाद पार्टी-01
कांग्रेस-00
निर्दल-08
सोनभद्र-31
सपा-11
भाजपा-06
अपना दल एस-03
बसपा-03
जन अधिकार पार्टी-01
निषाद पार्टी- 01
कांग्रेस-00
निर्दल- 06