मिर्जापुर। धीरे-धीरे गंगा रौद्र रूप ले रही हैं। गंगाघाटो पर एक के बाद एक डूबती सीढि़यां देखकर लोग सहमें नजर आ रहे हैं। तेजी से किनारों की ओर बढ़ती गंगा देखकर तटवर्ती इलाके ग्रामीण भी चितिंत दिख रहे। प्रतिदिन बढ़ते गंगा का जलस्तर देखकर बरियाघाट, कचहरीघाट, पक्काघाट, बाबाघाट, नारघाट स्थित घाटों की सीढि़यां पानी से डूब गए हैं। सुरक्षा के कोई इंतजाम न होने अधिकांश घाटों पर लोगों ने स्नान करना भी बंद कर दिया है। छानबे, कोन, मझवां, पहाड़ी, सीखड़ व नरायनपुर विकास खंड में तटवर्ती इलाके के किसान अपनी फसलों को लेक र खासे परेशान हैं। फसलों के डूबने का खतरा बढ़ गया है। खतरे के निशान से महज पांच मीटर दूर गंगा का जलस्तर देखकर प्रशासन भी चौकन्ना हो गया है। बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया गया है। खतरे का निशान 77.724 मीटर निर्धारित है। दो घंटे में एक सेंटी मीटर की रफ्तार से बढ़ रही गंगा का जलस्तर मंगलवार को 72.760 मीटर पहुंच गया है। जो खतरे के निशान से महज पांच मीटर दूर है। किनारों की ओर धीरे-धीरे बढ़ रही गंगा को देखकर तटवर्ती इलाके लोग भी सहमे नजर आ रहे हैं।
विंध्याचल। तेजी से बढ़ रही गंगा के चलते आस्थाधाम विंध्याचल में गंगा घाटों का आपस में संपर्क टूट गया है। मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन को आए श्रद्धालुओं को गंगा घाटों पर स्नान करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बढ़ते जलस्तर के चलते पक्का घाट, कच्चा घाट, चिकान घाट, दीवान धाट, सहित बाबू घाट, भैरव घाट ,परशुराम घाट, अखाड़ा घाट, गुदारा घाट, मलहिया घाट सहित अन्य गंगा घाटों का एक दूसरे से संपर्क टूट गया है। श्रद्धालुओं का एक घाट से दूसरे घाट तक जहां पहुंचना बंद हो गया है वहीं मां विंध्यवासिनी दर्शन के लिए मंदिर तक पहुंचने में दूर का चक्कर लगाना पड़ रहा है।