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विपणन कार्यालय पर तैनात प्राइवेट कर्मचारियों की मनमानी से कोटेदारों में रोष

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पड़री। पहाड़ी ब्लाक स्थित विपणन कार्यालय पर तैनात प्राइवेट कर्मचारियों की मनमानी से कोटेदारों में रोष व्याप्त है। मनमानी से नाराज कोटेदारों ने बुधवार को उपजिलाधिकारी सदर व आपूर्ति निरीक्षक पहाड़ी को पत्रक सौँपकर प्राइवेट कर्मचारी को हटाने की मांग की है।
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पहाड़ी ब्लाक के कोटेदार संघ अध्यक्ष भोलानाथ सिंह ने बताया कि गोदाम पर तैनात प्राइवेट कर्मचारी कोटेदारों का शोषण करते हैं। राशन उठान के दौरान उसका तौल भी नहीं कराया जाता है। जबकि कार्डधारकों को उनके यूनिट के हिसाब से राशन तौल कर दी जाती है। उन्होंने कहा गल्ला उठान के दौरान प्रत्येक चावल व गेहूं की बोरी में दो से चार किलोग्राम तक अनाज कम मिलता है। प्रत्येक बार निवासी में सुविधा शुल्क अलग से ली जाती है। अनाज मौजूद होने के बाद भी सुविधा शुल्क न देने पर कोटेदारों को उठान के लिए बार-बार दौड़ाया जाता है। जबकि गोदाम पर एक सरकारी कर्मचारी भी तैनात है। लेकिन उन्हें सिर्फ कागजों पर जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें एक किनारे कर दिया गया है। प्राइवेट कर्मचारी ही गोदाम का सारा कामकाज देख रहे है। जो कोटेदारों का खुलेआम शोषण कर रहे हैं। ज्ञापन देने वालों में राकेश कुमार, अजय ओझा, अरविंद दुबे, राजेश कुमार, विजय धर दुबे, राकेश पांडेय, नरेंद्र मिश्र, हरिओम तिवारी, रीतु मिश्रा, लीलावती देवी, लालमनी, दशरथ, राकेश दुबे, संजय दुबे आदि मौजूद रहे।
धान के भुगतान पर व्यापारी और किसानों की बनी सहमति : लालगंज। काफी प्रयास बाद क्षेत्र के किसानों का धान खरीदने वाला कथित प्रयागराज का व्यापारी लालगंज पहुंचा। बेचे गए धान के भुगतान के लिए मुकदमा के बजाय व्यवहारिक तरीका अपनाया। किसानों का मानना है कि मुकदमा हो जाने के बाद न्यायिक प्रक्रिया लंबी हो जाएगी। किसानों के खरीदे गए धान के भुगतान के लिए लिखित समझौते से करें।
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बुधवार को दो दर्जन से अधिक किसान लालगंज में कथित प्रयागराज व्यापारी पर दबाव डालकर स्टांप पेपर लिखित आश्वासन से पैसा भुगतान किए जाने पर समझौता किया। किसानों का कहना है कि पैसे का भुगतान व्यापारी नगद करे। व्यापारी ने बताया कि इस समय में पचास प्रतिशत भुगतान किसानों का किया जाएगा। शेष पैसा धीरे-धीरे सभी को दे दिया जाएगा। इस दौरान तूफानी लाल यादव, गोपाल यादव, वंश लाल यादव, कपिल दुबे, सुमित मिश्रा, राज नारायण यादव, अनिल यादव, दूधनाथ, शिवपाल सिंह, गौरव तिवारी, दशरथ, अश्वनी आदि किसान रहे।
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