मिर्जापुर। आश्रम में मिले बनारस के रामनगर के रहने वाले विकास मौर्य की हत्या का खुलासा पुलिस ने कर दिया। विकास को उसके ही दोस्त प्रदीप ने मफलर से गला घोंट कर मार डाला। प्रदीप को शक था विकास उसकी गैर मौजूदगी में उसके घर आता था। उसकी पत्नी से उसके अवैध संबंध थे। इसे लेकर वह कई बार आपत्ति भी जता चुका था।
प्रदीप ने विकास को खूब शराब पिलाई। नशे में होने के बाद सक्तेशगढ़ पहाड़ी क्षेत्र में झगड़ा कर मफलर से उसका गला घोंट दिया। शव को परमहंस आश्रम की चहारदीवारी के अंदर फेंक दिया। वहां पत्थर से सिर कूंच दिया। पुलिस ने हत्याआरोपी मित्र प्रदीप को दुर्गा जी मोड़ से गिरफ्तार कर लिया। मामले का खुलासा एएसपी ऑपरेशन ओपी सिंह और सीओ चुनार मंजरी राव ने पुलिस लाइन सभागार में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर किया।
नौ जनवरी की दोपहर परमहंस आश्रम परिसर के अंदर की ओर दीवार से सटे अरहर के खेत में 30 वर्षीय युवक का शव मिला। हाथ की बांह पर गोदने से हनुमान जी का चित्र और कलाई पर विकास नाम लिखा था। जिसके बाद पुलिस शव के शिनाख्त में जुटी। शिनाख्त वाराणसी के रामनगर थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव विकास मौर्या के रूप में हुई। विकास के पिता बाबूलाल ने बताया कि उनका बड़ा बेटा विकास पांच जनवरी को बाइक से अकेले कोन भरूहवा गांव की पाही पर आया हुआ था, लेकिन उसका पता नहीं चला। शव की शिनाख्त होने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुटी।
सर्विलांस की मदद से हत्यारोपी का लोकेशन का पता चला
पुलिस ने सर्विलांस की मदद से विकास के साथ उसके दोस्त प्रदीप चौहान के मोबाइल का लोकेशन भी पांच जनवरी को सक्तेशगढ़ की ओर मिला। जिसके बाद पुलिस प्रदीप चौहान की तलाश में जुटी। प्रदीप को गिरफ्तार कर पूछताछ किया तो हत्याकांड का खुलासा हो गया।
प्रदीप और विकास का घर आमने सामने
एएसपी ऑपरेशन ओपी सिंह ने बताया कि रामनगर के सुल्तानपुर में प्रदीप और विकास का घर आमने-सामने है। प्रदीप को विकास पर पत्नी से अवैध संबंध का शक था। वह पांच जनवरी को विकास के साथ ही बाइक से निकला। घोरावल की ओर गया। विकास को खूब शराब पिलाई। खुद कम शराब पीया। लौटते समय सक्तेशगढ़ के पास दोनों में विवाद हुआ। विवाद के दौरान प्रदीप ने विकास को उसके ही मफलर से गला घोंट दिया। इसके बाद घसीटते हुए उसे परमहंस आश्रम की बाउंड्री की दूसरी ओर फेंक दिया। वहां पर पत्थर से सिर व चेहरे पर प्रहार किया। शव को खेत में छीपाया। पहचान न हो इसलिए कपड़ा उतार दिए। कपड़ा, मोबाइल और बाइक ले जाकर ठिकाने लगा दिया। साक्ष्य और हत्या में शामिल पत्थर को बरामद कर लिया गया है। आरोपी को जेल भेजा गया।
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एक-एक कर साक्ष्य को लगाया ठिकाने
हत्या के बाद प्रदीप ने साक्ष्य को ठिकाने लगाया। पहले उसने विकास के कपड़े को घटनास्थल से दो किमी दूर गोबरदहा के पास झाड़ी में फेंका। मोबाइल को महाराज फॉर्म दुर्गा जी ग्राउंट पेड़ के पास प्लास्टिक में रखकर छिपाया। इसके बाद बाइक ले जाकर रामनगर भीटी यार्ड में खड़ा कर दी। इससे बाइक रामनगर में मिले तो लोग विकास को वहीं खाेजेंगे। पूछताछ के बाद पुलिस ने तीनों सामान व हत्या में प्रयुक्त पत्थर बरामद किया। .......................................................
दोनों मित्रों ने राजगढ़ में क्रिकेट भी खेला
हत्यारोपी प्रदीप ने बताया कि विकास उसके घर में कभी भी घुस जाता था। मना करने पर भी नहीं मनाता था। झगड़ा करता था। उसे पत्नी से अवैध संबंध का शक था। पांच जनवरी को राजगढ़ आए तो क्रिकेट खेलते समय भी परेशान कर रहा था। विकास उसे लेकर एक महिला के पास भी गया। वहां महिला के साथ कमरे में शराब पी। वह बाहर था। इसके बाद वापस जाते समय उससे विवाद किया तो उसने उसकी हत्या कर दी। आश्रम में शव को फेंका जिससे उसका पता न चल सके। शव मिले तो लगे कि कोई आश्रम आया था। जिसकी मौत हो गई।