मिर्जापुर। साफ्टवेयर के जरिये टोल प्लाजा से 120 करोड़ के घोटाले के मामले में लालगंज थाने की पुलिस ने शिवा बिल्ड टेक कंपनी के 44 खातों में जमा 10 करोड़ रुपये फ्रीज करा दिए हैं। वहीं, मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी गई है। जांच पूरी होने तक यह धनराशि फ्रीज रहेगी।
टोल प्लाजा पर वसूली में अनियमितता की शिकायत मिलने पर एसटीएफ लखनऊ के निरीक्षक दीपक सिंह ने 21 जनवरी को लालगंज पुलिस के साथ क्षेत्र के अतरैला स्थित शिव गुलाम टोल प्लाजा पर छापा मारा था। मामले में एसटीएफ और लालगंज पुलिस चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। दो साल से साफ्टवेयर के जरिये बिना फास्ट टैग वाले वाहनों से वसूले जाने वाले टैक्स को दूसरे खाते में जमा कराकर एनएचएआई की फर्जी रसीद दी जाती थी। एसटीएफ और पुलिस की जांच में देश के 42 टोल प्लाजा से 120 करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासा हुआ था। इसके बाद देश के 200 टोल प्लाजा जांच के दायरे में आ गए।
मामले की उच्चस्तरीय जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया गया है। अतरैला शिव गुलाम टोल प्लाजा का संचालन शिवा बिल्ड टेक कंपनी कर रही थी, जिसे हटा दिया गया है। अब मदीना कंपनी को संचालन की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, पुलिस ने शिवा बिल्ड टेक के 44 खातों में जमा 10 करोड़ रुपये फ्रीज करा दिए हैं। थानाध्यक्ष लालगंज संजय सिंह ने बताया कि टोल प्लाजा घोटाले में शिवा बिल्ड टेक कंपनी के 44 खातों में जमा करीब 10 करोड़ रुपये फ्रीज कराए गए हैं।