धोखाधड़ी कर विभाग की योजनाओं का लाभ लेने वाले आठ महिलाओं सहित 12 अपात्रों के खिलाफ विंध्याचल थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। श्रम विभाग ने मामले में वसूली के डेढ़ साल बाद अपात्रों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। सभी आरोपी विंध्याचल थाना क्षेत्र के गोपालपुर के निवासी हैं। आरोप है कि इन लोगों ने कूटरचित ढंग से दस्तावेज प्रस्तुत कर विभागीय योजनाओं का लाभ लिया था।
श्रम विभाग की आरे से पंजीकृत श्रमिकों के लिए कई प्रकार की योजनाएं हैंं। इसमें कन्या विवाह सहायता योजना, विवाह अनुदान योजना व मातृत्व शिशु कल्याण योजना आदि शामिल हैं। इन योजनाओं के कुछ आवेदनों की एक मई 2024 को तत्कालीन श्रम उपायुक्त पंकज सिंह राणा ने जांच कराई थी। जांच में अभिलेखों में गड़बड़ी मिली थी। आठ महिलाओं समेत 12 लोग अपात्र पाए गए थे। तत्कालीन श्रम उपायुक्त ने उसी समय अपात्रों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराकर धनराशि वसूलने का निर्देश दिया था। डेढ़ वर्ष तक अपात्रों के खिलाफ प्राथमिकी नहीं कराई गई। मामले में सिर्फ वसूली की कार्रवाई हुई। इसके बाद वर्तमान सहायक श्रमायुक्त सतीश सिंह के निर्देश पर विभागीय कर्मचारी गौतम कुशवाहा ने विंध्याचल थाने में तहरीर देकर प्राथमिकी दर्ज कराई है।
मिर्जापुर। धोखाधड़ी कर योजनाओं का लाभ लेने के आरोप में गीता देवी, मीरा देवी, गीता देवी, निर्मला देवी, मीरा देवी, बेबी, मिला व सुशीला देवी , रामा, कलेशर, पखंडू और एक अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। सभी आरोपी विंध्याचल थाना क्षेत्र के गोपालपुर के निवासी हैं। तहरीर के अनुसार चार ने कन्या विवाह सहायता योजना, तीन ने पुत्री अनुदान योजना व चार अन्य ने मातृत्व शिशु कल्याण योजना का लाभ लिया है। आरोप है कि इन सभी ने 5. 14 लाख रुपये की धनराशि प्राप्त की है। इस धनराशि की वसूली विभाग ने कर लिया है। आरोपियों के एक ही गांव के होने पर यह आशंका जताई जा रही है कि इसमें विभाग के भी किसी व्यक्ति की संलिप्तता हो सकती है। विभाग का दावा है कि प्राथमिकी दर्ज हो गई है, जांच के बाद सभी कुछ सामने आ जाएगा।
- सतीश कुमार सिंह, सहायक श्रमायुक्त ने कहा कि तत्कालीन डीएलसी ने डेढ़ वर्ष पूर्व ही कार्रवाई के निर्देश दिए थे लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अब जिलाधिकारी के निर्देश पर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। धनराशि की वसूली पहले ही हो चुकी है।