मिर्जापुर। जिला पंचायत सभागार में बुधवार को जनसुनवाई कार्यक्रम हुआ। इस मौके पर उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य अनीता सिंह ने चार बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना अंतर्गत स्वीकृति पत्र प्रदान किया।
राज्य महिला आयोग की सदस्य ने बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री बालसेवा योजना के बारे में लोगों को जानकारी दी। उन्होंने सभी विभागों से कोविड-19 से मरने वाले परिवारों को चिह्नित करते हुए मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना अंतर्गत आवेदन पत्र भरवाने के लिए निर्देश दिया। जिला प्रोबेशन अधिकारी शक्ति त्रिपाठी ने बताया कि योजना में कोविड-19 से मृत लोगों के बच्चो को चिह्नित करते हुए लाभ के लिए जरूरी प्रक्रिया अपनाई जाती है। इसके अतिरिक्त कोविड-19 के कारण असहाय महिलाओं को भी सरकारी योजनाओं का लाभ देने के लिए जिले के सभी विकास खंडों में कैंप कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। सदस्य ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुकम्मल जानकारी न दे पाने पर नाराजगी जताई।
महिला उत्पीड़न के 23 मामले आए
सदस्य के समक्ष महिला उत्पीड़न जैसे घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, जमीन विवाद, मानसिक उत्पीड़न, शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने, छेड़खानी, पॉक्सो आदि से संबंधित कुल 23 मामले आए। इसमें से आठ मामलों को तत्काल निस्तारित किया गया। इसके साथ ही महिलाओं को योजनाओं का लाभ प्रदान करने के लिए पति की मृत्यु के बाद निराश्रित महिला पेंशन योजना, वृद्धा पेंशन योजना, विकलांग पेंशन योजना, बाल विकास परियोजना विभाग से संचालित योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के कैंप कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पीडी गुप्ता, एसपी सिटी संजय कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी गिरीश दुबे, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी वाणी वर्मा, जिला सूचना अधिकारी आदि थे।