मिर्जापुर। बाढ़ के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में दूषित पानी पीने से लोग अब बीरार पड़ रहे हैं। राजगढ़ ब्लॉक के दस गांवों में सात में डायरिया के 36 मरीज मिले हैं। सभी राजगढ़ सीएचसी में भर्ती हैं।जहां उनका इलाज चल रहा है। हालत बिगड़ने पर अब तक छह मरीजों को मंडलीय अस्पताल रेफर किया जा चुका है। इसके अलावा पटेहरा, जमालपुर, अदलहाट क्षेत्र में भी डायरिया के मरीज मिले हैं। राजगढ़ सीएचसी के डॉ. पवन कुमार कश्यप ने बताया कि सात दिन में डायरिया और फूड प्वाइजनिंग के अब तक 36 मरीज गंभीर हालत में आए। उनको तत्काल भर्ती करके इलाज शुरू किया गया।
मंडलीय अस्पताल में 32 बेड पर 45 मरीजों का हो रहा उपचार, बच्चों का वार्ड फुल
मंडलीय अस्पताल में भी डायरिया के मरीज आ रहे हैं। 32 बेड का बच्चों का वार्ड फुल है। 32 बेड पर 45 से अधिक मरीज भर्ती हैं। इसमें 10 डायरिया से पीड़ित है। बाकी मरीज बुखार से पीड़ित हैं। एक-एक बेड पर दो-दो मरीज भर्ती किए गए हैं। वार्ड में लगी एसी खराब है। इस कारण उमस भरी गर्मी में मरीजों को परेशानी हो रही है।
बाढ़ के बाद गांवों में ब्लीचिंग पाउडर का नहीं हुआ छिड़काव
सीएचसी राजगढ़ के तहत 25 से अधिक गांव आते हैं। ज्यादातर गांव नदी-नालों के पास हैं। बाढ़ के पानी के कारण इन गांवों का पानी दूषित हो गया है। हैंडपंप और कुओं की सफाई नहीं कराई गई है। डायरिया फैलने का मुख्य कारण दूषित पानी है। गांव में ब्लीचिंग पाउडर या क्लोरीन की गोली का वितरण नहीं हुआ। है। संक्रमण के कारण गांवों में डायरिया फैल रहा है।
राजगढ़ सीएचसी में अभी इनका चल रहा है उपचार
राजगढ़ सीएचसी में खमवा गांव की राजकुमारी, भानु कुमारी, बार गांव की कलगी देवी, बगही की शकुंतला, भावां की राजकुमारी, राजगढ़ की रीना, रामजीत, रमेश पांडेय, गढ़वा की कल्याणी, दादरा पगड़ी की मूर्ति देवी, पुरौनिया के कल्पनाथ, रामकेश, भीटी से कुमारी, राजेंद्र, बघौडा से अमीना, मनीष, कुड़ी गांव से जयराम, धनसीरिया के बिमलेश, रामपुर 38 से चंदन, चंदा भर्ती हैं। प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पवन कुमार कश्यप ने बताया कि अक्तूबर में संचारी अभियान चलेगा। जो मरीज आ रहे हैं उनका उपचार किया जा रहा है।
पटेहरा के सिरसी गांव में फैला डायरिया
पटेहरा। सिरसी गांव के आठ वर्षीय शनि को मंगलवार को पीएचसी पटेहरा में भर्ती किया गया है। वह डायरिया पीड़ित है। बीते चार दिनों में सिरसी गांव के ही दो मरीजों को हालत गंभीर होने पर मंडलीय अस्पताल रेफर किया गया। गांव निवासी सुभाष ने बताया कि सोमवार की रात में शनि को उल्टी-दस्त होने लगा। मंगलवार की सुबह पीएचसी लेकर पहुंचे तो डॉक्टरों ने बताया कि डायरिया के लक्षण हैं। भर्ती करना पड़ेगा। सोमवार को सिरसी गांव की बिंदु (32) व शनिवार को सितारा (30) की हालत बिगड़ने पर मंडलीय अस्पताल के लिए रेफर किया गया था। डॉ. वाजिद जमील ने बताया कि डायरिया पीड़ित एक बालक वार्ड में भर्ती है। उसका इलाज चल रहा है। पीएचसी प्रभारी डॉ. अभिषेक जायसवाल ने बताया कि गांव में आशा को जमे हुए पानी में ब्लीचिंग पावडर डालने व लोगों को बचाव कि जानकारी देने के लिए निर्देशित किया गया है। जरूरत पड़ी तो स्वास्थ्य टीम गांव में पहुंचकर लोगों का परीक्षण व इलाज करेगी।
अदलहाट में सात दिन में मिले 12 मरीज
अदलहाट। न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अदलहाट में 15 से 23 सितंबर तक डायरिया के 12 मरीज आए। उनको अस्पताल में भर्ती करके इलाज किया गया। जमालपुर सीएचसी पर प्रतिदिन आठ डायरिया के मरीज आ रहे हैं।
जांच के लिए लगी लंबी कतार
मंडलीय अस्पताल के केंद्रीय पैथोलॉजी में जांच के लिए लंबी कतार लग रही है। बदलते मौसम में लोग बुखार, सर्दी जुकाम की चपेट में आ रहे है। मंगलवार की दोपहर अस्पताल के पैथोलॉजी में लंबी कतार लगी रही।
बदलते मौसम में फूड पॉइजनिंग से पीड़ित मरीज आ रहे हैं। बासी भोजन, बाजार में खुले में बिक रहे खाद्य पदार्थ खाने से लोग ज्यादा बीमार हो रहे हैं। डायरिया का प्रकोप नहीं है। जब एक परिवार या एक गांव में काफी संख्या में लोग बीमार होते है तो डायरिया होता है। जाे दूषित पानी पीने से बीमार होते हैं। पांच अक्तूबर से संचारी अभियान चलाया जाएगा। लोगों को जागरूक किया जाएगा।
डा. सीएल वर्मा, सीएमाओ