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National Youth Day: इन खिलाड़ियों ने देश में बनाई अलग पहचान, अपने प्रदर्शन से मचा रहे धमाल

Tue, 12 Jan 2021 02:14 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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प्रियम गर्ग
मेरठ की खेल प्रतिभाएं आज देश और दुनिया में नाम रोशन कर ही रही हैं, साथ ही ये खिलाड़ी युवाओं के लिए प्रेरणा भी बन रहे हैं। युवा दिवस के मौके पर आइए जानते हैं ऐसे ही प्रतिभाशाली युवाओं के बारे में जो अपने बुलंद हौसलों से खेल की दुनिया में अपनी पहचान बनाकर युवाओं के आदर्श बन रहे हैं।

कपड़े धोने की थपकी से क्रिकेट की शुरुआत, आज हैं बड़ा नाम
मेरठ के किला परीक्षितगढ़ निवासी प्रियम गर्ग आज मेरठी युवाओं के लिए आदर्श बन गए हैं। बेबाकी से जवाब देना और खुलकर बल्लेबाजी करने का अंदाज प्रियम के हौसलों को बुलंद करते हैं। दिमागी तौर पर प्रियम इतने मजबूत हैं कि क्रिकेट विशेषज्ञ उनको भविष्य का धोनी कहने लगे है।
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शूटर सौरभ चौधरी - फोटो : अमर उजाला
मेरठ के इकलौते खिलाड़ी हैं जो कूच विहार ट्रॉफी, रणजी ट्रॉफी के कप्तान रह चुके हैं। जबकि वर्तमान में जारी सैयद मुश्ताक ट्रॉफी में यूपी टीम की कमान संभाल रहे हैं। वो अंडर-19 वर्ल्डकप में भारतीय टीम के कप्तान भी रह चुके हैं।

घर पर कपड़े धोने की थपकी से क्रिकेट की शुरुआत करने वाले प्रियम गर्ग की मां की मौत 11 साल पहले हो चुकी है। जिसके बाद पिता नरेश गर्ग ने प्रियम के सपने को साकार करने के लिए घर-घर जाकर दूध भी बेचा। आज टीम इंडिया प्रियम गर्ग का बेसब्री से इंतजार कर रही है।
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शूटर सौरभ चौधरी - फोटो : अमर उजाला
गोल्डन ब्वॉय ने शूटिंग में किया मेरठ का नाम
सरूरपुर क्षेत्र के कलीना गांव निवासी 19 वर्षीय सौरभ चौधरी ने मेरठ के लिए वो कर दिखाया जो एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी का सपना होता है। लगातार शानदार प्रदर्शन कर गोल्ड मैडल हासिल करने वाले सौरभ को गोल्डन ब्वॉय के नाम से जाना जाने लगा है।

प्रतिभा के बल पर उत्तर प्रदेश सरकार उनको प्रदेश का सर्वोच्च सम्मान लक्ष्मण अवार्ड से सम्मानित कर चुकी है। जबकि वर्ष 2020 में केंद्र सरकार देश के सर्वोच्च सम्मान लक्ष्मण अवार्ड से सम्मानित कर चुकी है। जो सबसे कम उम्र में अर्जुन अवार्ड लेने का रिकॉर्ड बना। शूटिंग में ओलंपिक का कोटा हासिल कर चुके सौरभ से एक बड़ी उपलब्धि की उम्मीद है कि वो ओलम्पिक में देश को पदक दिलाकर एक और बड़ा इतिहास रचे।

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पूर्णांक त्यागी का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
क्रिकेट का उभरता सितारा पूर्णांक त्यागी
मेरठ के क्रिकेट के उभरते खिलाड़ी पूर्णांक त्यागी मेरठ के भुवनेश्वर कुमार को आदर्श मानते हैं, उनसे बहुत कुछ सीखा। भुवी भैया की तरह सादगी भरे जीवन के साथ गेंदबाजी में बल्लेबाजों को चकमा देने का हुनर सीखा है।

इन और आउट स्विंग के साथ निप बॉल से पूर्णांक को खास मदद मिली। जिसके लिए उन्होंने कोच संजय रस्तौगी को इसका श्रेय दिया। चार बहन भाइयों में सबसे छोटे पूर्णांक त्यागी को क्रिकेटर बनाने में पूरे परिवार ने अहम रोल अदा किया।
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भुवनेश्वर कुमार, पूर्णांक त्यागी व समीर रिजवी - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया उनके पिता एडवोकेट अरुण त्यागी यूनिवर्सिटी स्तर तक क्रिकेट खेले। पिता ने टीम इंडिया में जाने का जो सपना संजोया है, वो पूरा करने के इरादे से क्रिकेट खेल रहा हूं। क्रिकेट खेल में सभी खिलाड़ी टीम इंडिया का सपना देखकर मैदान पर आते हैं। क्रिकेट में काॅम्पिटिशन तगड़ा है, जिसको लेकर कुछ अलग करने का जज्बा होना जरूरी है। सैयद मुश्ताक ट्रॉफी में यही सोचकर मैदान में उतरना है।

हालांकि प्लेइंग इलेवन में जगह बनाना भी किसी चुनौती से कम नहीं है। फरवरी में आईपीएल नीलामी होने के सवाल पर पूर्णांक ने कहा आईपीएल एक बड़ा ट्रैक है। जिसका दरवाजा सीधा टीम इंडिया की ओर जाता है। ऐसे में देशभर के क्रिकेटर सैयद मुश्ताक ट्रॉफी में दम दिखाएंगे।

मेरठ के ही प्रियम गर्ग कप्तान होंगे, जिससे मेरठ के खिलाड़ियों को लाभ तो मिलेगा। कूच विहार ट्रॉफी में एक पारी में सात विकेट लेकर यूपी को ट्रॉफी दिलाने वाले पूर्णांक बल्ले से मैदान के चारों ओर रन बनाने में माहिर हैं।

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