ग्राम प्रधान बताती हैं कि गांव में श्मशान घाट का सुंदरीकरण एवं कब्रिस्तान का मिट्टी भराव व सुंदरीकरण, सार्वजनिक स्थानों पर शौचालय का निर्माण कराना है। गांव में छात्र-छात्राओं को आधुनिक शिक्षा दिलाने के लिए कंप्यूटर सेंटर एवं पुस्तकालय का निर्माण कराना चाहती हैं। गांव में समस्याएं हैं, जिनमें साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्वच्छता को लेकर जिले में ग्राम पंचायत का नाम रोशन करना है।
अधिक से अधिक स्वयं सहायता समूह बनाकर महिलाओं एवं लड़कियों को रोजगार से जोड़ा जाएगा। जल निकासी के लिए नालों एवं नालियों के निर्माण के साथ ही तालाब का सुंदरीकरण कराया जाएगा। गांव के हर पात्र व्यक्ति को सरकारी योजना का लाभ दिलाया जाएगा। पेंशन एवं राशन कार्ड बनवाए जाएंगे। सड़कों के निर्माण के साथ ही महिलाओं को भी मनरेगा से जोड़कर उन्हें रोजगार मुहैया कराया जाएगा।
इरम मसरूर चौहान पहली बार चुनाव लड़ी और जीत गई। उनकी मां मसनीम चौहान एक बार ग्राम प्रधान रह चुकी है। पिता राव मसरूर खां एक बार गन्ना सोसायटी थानाभवन के डेलीगेट रहे हैं और पूर्व में मुजफ्फरनगर जिला कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके हैं।
गांव के बारे में
करीब 1630 मतदाता और लगभग तीन हजार की आबादी वाली ग्राम पंचायत में मुस्लिम राजपूत और अनुसूचित जाति की मिश्रित आबादी है। गांव के चारों ओर से प्रवेश द्वार है। पूर्वी यमुना नहर करीब एक किलोमीटर की दूरी पर बहती है। गांव में पेयजल, गंदगी, सड़कों आदि की समस्याएं हैं। ग्राम प्रधान का कहना है कि इन समस्याओं को दूर कराने का प्रयास किया जाएगा।