बजाज शुगर मिल में ढांग गिरने से मजदूर की मौत, धरने पर बैठे ग्रामीण
रोहटा। किनौनी स्थित बजाज शुगर मिल में बृहस्पतिवार को दीवार के लिए नींव खोदते समय ढांग गिरने मिट्टी के नीचे चार मजदूर दब गए। इनमें कस्बा हर्रा निवासी एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई। अन्य मजदूरों को मिट्टी से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। मजदूर की मौत की सूचना पर कस्बा हर्रा के सैकड़ों लोग चीनी मिल गेट पर पहुंचे और मिल प्रबंधन के खिलाफ धरने पर बैठ गए। शाम को एसडीएम ने ग्रामीणों की मांगों को मानते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
बृहस्पतिवार सुबह बजाज शुगर मिल में चार मजदूर नींव खोद रहे थे। अचानक मिट्टी की ढांग मजदूरों के ऊपर गिर गई। चारों मजदूर उसमें दब गए। आनन-फानन में दबे मजदूरों को बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया। बीच रास्ते में ही कस्बा हर्रा निवासी खालिद (40) पुत्र इदरीश ने दम तोड़ दिया। जबकि हर्रा निवासी गुल मौहम्मद, इमरान व एक अन्य हैं। मजदूर की मौत की खबर सुनते ही हर्रा निवासी सैकड़ों लोग व परिजन किनौनी मिल गेट पर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। आरोप लगाया कि हादसा मिल प्रबंधन की लापरवाही से हुआ है।
पूर्व विधायक हाजी गुलाम मोहम्मद, चौधरी यशवीर सिंह, रालोद नेता सुनील रोहटा, नदीम चौहान, प्रसपा नेता अमित जानी, कुंवर मोहम्मद अली, रणवीर दहिया, संजय चौधरी, गुलजार चेयरमैन, ताहिर प्रधान भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों ने मिल प्रबंधन से मृतक के परिवार को 50 लाख की आर्थिक मदद, मृतक के पुत्र को मिल में नौकरी, बीमा की रकम मृतक परिवार को देने की मांग की। रोहटा थाना पुलिस व एसडीएम मेरठ संदीप भागिया मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली।
शाम साढ़े सात बजे जिला गन्ना अधिकारी डॉ. दुष्यंत, सीओ सरधना आरपी शाही और मिल यूनिट हेड केपी सिंह की मौजूदगी में एसडीएम संदीप भागिया ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि परिजनों को साढ़े तीन लाख रुपये की तत्काल मदद, मृतक के पुत्र की आयु पूरी होने पर शैक्षिक योग्यता के आधार पर मिल में नौकरी, प्रदेश सरकार की योजनाओं, किसान बीमा योजना और मुख्यमंत्री राहत कोष से लाभ दिलाने का आश्वासन दिया। इस पर ग्रामीण व परिजन मान गए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।