सरधना। नवाबगढ़ी गांव में रंजिश में कुछ दिनों पहले हुए खूनी संघर्ष में चाकू लगने से तीन लोग गंभीर घायल हो गए थे। थाना पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं करने पीड़ित परिवार ने सोमवार को डीआईजी कलानिधि नैथानी से मिलकर कार्रवाई की गुहार लगाई। पुलिस द्वारा तहरीर फाड़ने के आरोप पर डीआईजी ने सरधना पुलिस को कॉल कर नाराजगी जताई। तत्काल मामले में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
गांव नवाबगढ़ी निवासी वकील ने सोमवार को डीआईजी से मिलकर चाकू से हमलाकर तीन लोगों को घायल करने के मामले में सरधना थाना पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं करने की शिकायत की। आरोप है कि 30 मई को गांव निवासी आरोपी उसके घर में घुस आए और भतीजी के साथ दुर्व्यवहार किया और मारपीट की थी। 1 जून को आरोपी उसके घर में घुस आए और धारदार हथियार से जानलेवा हमला कर दिया। चाकू लगने से वकील, बिलाल, इमामुद्दीन को घायल कर दिया था। पुलिस ने उनकी तहरीर फाड़कर फेंक दी थी। कोरे कागज पर हस्ताक्षर हस्ताक्षर करा लिए, जिस पर होमगार्ड से मनमाफिक तहरीर लिखवाकर आरोपियों के खिलाफ एनसीआर दर्ज कर ली। मामला सीसीटीवी में कैद है। लेकिन पुलिस ने आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की। इस पर डीआईजी ने पीड़ित को जांच करवाकर कार्रवाई का आश्वासन दिया।