उत्तर प्रदेश अब सेमीकंडक्टर (इलेक्ट्रॉनिक्स) बनाने के क्षेत्र में भी आगे बढ़ने जा रहा है। दक्षिण पूर्वी एशिया की कंपनियों ने उत्तर प्रदेश में अपने उद्योग लगाने के लिए रुचि दिखाई है। यह बातें मेरठ में आईटी पार्क का लोकार्पण करने पहुंचे केंद्रीय आईटी इलेक्ट्रॉनिक्स राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने पत्रकार वार्ता में सर्किट हाउस में कहीं।
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केंद्रीय आईटी इलेक्ट्रॉनिक्स राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि बेंगलुरु और चेन्नई के बाद मेरठ अगले आईटी केंद्र के रूप में उभर कर आएगा। कहा कि मेरठ परिवहन हब के बाद आईटी हब बनने को तैयार है।
उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट को आधार से जोड़ने का उद्देश्य फर्जीवाड़ा रोकना है। इसका विरोध वे लोग कर रहे हैं, जो वर्षों से फर्जी मतदान कराते रहे हैं। इससे किसी की कोई सूचना खत्म होने का मामला नहीं है। इसके अलावा आधार केंद्र, इंटरनेट एक्सचेंज डिजिटल यूपी की और बड़ा कदम है। वहीं, डबल इंजन की सरकार अब डबल डिजिटल यूपी की ओर बढ़ रही है। इससे मेरठ के युवाओं को स्टार्टअप खोलने में मदद मिलेगी।
कहा कि ये डिजिटल इंडिया का डिजिटल उत्तरप्रदेश से संबंधित है। इंटरनेट एक्सचेंज से मेरठ में इंटरनेट की गति बढ़ेगी। इस कार्यक्रम का श्रेय प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और सांसद को जाता है। इस प्रोजेक्ट के जरिये हम युवायों को स्टार्टअप के जरिये आगे लेकर जाएंगे। अब हांगकांग, न्यूयॉर्क ववाली कम्पनियां अब उत्तर प्रदेश में निवेश करेंगी।
पहला उद्देश्य- सरलता और बदलाव लाने का : लोगो की भलाई में तकनीक उपयोग करने वाला देश भारत है। जनधन योजना इसका उदाहरण है। इससे अब लाभार्थियों को पूरा पैसा मिलता है। सब्सिडी देने में , कोविड वैक्सीन देने तक सब तकनीक के द्वारा हुआ है।
दूसरा बदलाव- युवायों को आगे बढ़ाना : स्टार्टअप इको सिस्टम भारत मे है। एफडीआई में सबसे अधिक निवेश भारत मे है। आठ हजार करोड़ का हर महीने निवेश भारत मे हो रहा है। इलेक्ट्रॉनिक में निवेश छह लाख करोड़ पहुंच रहा है। आठ लाख नए जॉब आ गए है। अभी तो ये शुरुआत है। अगले पांच वर्षों में डिजिटल और तकनीक की चुनोतियों में मेरठ हब बनेगा।
पहला उदाहरण- आठ कंपनियों को भारत मे आना था। मैंने उनसे बात की। लेकिन आठ कंपनियों के लिए पहला विकल्प उत्तर प्रदेश था।
दूसरा उदाहरण- सरकारी स्कूल के बच्चों को दिल्ली बुलाया। आर्टिफिशल इंटेलिजेंस के लिए 25 बच्चे बुलाए। नन्दिनी कुशवाहा ललितपुर की किसान की बेटी ने आर्टिफिशल इंटेलिजेंस का प्रोग्राम दिखाया। इसके प्रोजेक्ट ने इंटेल कंपनी को चौंका दिया। मंत्री ने पूरा खर्च खुद करने का आश्वासन दिया और वैज्ञानिक बनाने के लिए बालिका के पिता से कहा।