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खुशखबर : सेमीकंडक्टर का हब बनेगा उत्तर प्रदेश, कई कंपनियों ने दिखाई रुचि

Tue, 28 Dec 2021 11:57 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

मेरठ में आईटी पार्क का लोकार्पण करने पहुंचे केंद्रीय आईटी इलेक्ट्रॉनिक्स राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि दक्षिण पूर्वी एशिया की कंपनियों ने उत्तर प्रदेश में अपने उद्योग लगाने के लिए रुचि दिखाई है।
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केंद्रीय आईटी इलेक्ट्रॉनिक्स राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर व सांसद राजेंद्र अग्रवाल बाएं - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश अब सेमीकंडक्टर (इलेक्ट्रॉनिक्स) बनाने के क्षेत्र में भी आगे बढ़ने जा रहा है। दक्षिण पूर्वी एशिया की कंपनियों ने उत्तर प्रदेश में अपने उद्योग लगाने के लिए रुचि दिखाई है। यह बातें मेरठ में आईटी पार्क का लोकार्पण करने पहुंचे केंद्रीय आईटी इलेक्ट्रॉनिक्स राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने पत्रकार वार्ता में सर्किट हाउस में कहीं।

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केंद्रीय आईटी इलेक्ट्रॉनिक्स राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि बेंगलुरु और चेन्नई के बाद मेरठ अगले आईटी केंद्र  के रूप में उभर कर आएगा। कहा कि मेरठ परिवहन हब के बाद आईटी हब बनने को तैयार है। 
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उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट को आधार से जोड़ने का उद्देश्य फर्जीवाड़ा रोकना है। इसका विरोध वे लोग कर रहे हैं, जो वर्षों से फर्जी मतदान कराते रहे हैं। इससे किसी की कोई सूचना खत्म होने का मामला नहीं है। इसके अलावा आधार केंद्र, इंटरनेट एक्सचेंज डिजिटल यूपी की और बड़ा कदम है। वहीं, डबल इंजन की सरकार अब डबल डिजिटल यूपी की ओर बढ़ रही है। इससे मेरठ के युवाओं को स्टार्टअप खोलने में मदद मिलेगी।

कहा कि ये डिजिटल इंडिया का डिजिटल उत्तरप्रदेश से संबंधित है। इंटरनेट एक्सचेंज से मेरठ में इंटरनेट की गति बढ़ेगी। इस कार्यक्रम का श्रेय प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और सांसद को जाता है। इस प्रोजेक्ट के जरिये हम युवायों को स्टार्टअप के जरिये आगे लेकर जाएंगे। अब हांगकांग, न्यूयॉर्क ववाली कम्पनियां अब उत्तर प्रदेश में निवेश करेंगी।

पहला उद्देश्य- सरलता और बदलाव लाने का : लोगो की भलाई में तकनीक उपयोग करने वाला देश भारत है। जनधन योजना इसका उदाहरण है। इससे अब लाभार्थियों को पूरा पैसा मिलता है। सब्सिडी देने में , कोविड वैक्सीन देने तक सब तकनीक के द्वारा हुआ है। 

दूसरा बदलाव- युवायों को आगे बढ़ाना : स्टार्टअप इको सिस्टम भारत मे है। एफडीआई में सबसे अधिक निवेश भारत मे है। आठ हजार करोड़ का हर महीने निवेश भारत मे हो रहा है। इलेक्ट्रॉनिक में निवेश छह लाख करोड़ पहुंच रहा है। आठ लाख नए जॉब आ गए है। अभी तो ये शुरुआत है। अगले पांच वर्षों में डिजिटल और तकनीक की चुनोतियों में मेरठ हब बनेगा।

पहला उदाहरण- आठ कंपनियों को भारत मे आना था। मैंने उनसे बात की। लेकिन आठ कंपनियों के लिए पहला विकल्प उत्तर प्रदेश था।
दूसरा उदाहरण- सरकारी स्कूल के बच्चों को दिल्ली बुलाया। आर्टिफिशल इंटेलिजेंस के लिए 25 बच्चे बुलाए। नन्दिनी कुशवाहा ललितपुर की किसान की बेटी ने आर्टिफिशल इंटेलिजेंस का प्रोग्राम दिखाया। इसके प्रोजेक्ट ने इंटेल कंपनी को चौंका दिया। मंत्री ने पूरा खर्च खुद करने का आश्वासन दिया और  वैज्ञानिक बनाने के लिए बालिका के पिता से कहा।

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पहले सरकारें बजट का रोना रोती थी, अब मेरठ का चित्र बदल गया: सांसद
सांसद राजेंद्र अग्रवाल- ये बड़ा प्रोजेक्ट था। कार्य बहुत हुए है। लेकिन दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और आईटी पार्क का हमेशा इंतज़ार रहा। ये दोनों पूरे हो गए । मेरठ के लिए बड़ी उपलब्धि है। 2009 से 2014 के बीच हमने सभी मुद्दे रखे लेकिन कुछ हासिल नही हुआ था। सरकार बजट का रोना रोती थी। 2014 के  बाद देश और मेरठ का चित्र बदल गया। सिर्फ रोने से कुछ नही होता। नरेंद्र मोदी ने 115 विशेष जिलों का चयन कर योजनाएं शुरू कराई। 

केंद्रीय आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स राज्यमंत्री राजीव चन्द्रशेखर के लेख पढ़ता था। तकनीक के मामलों में हमारे मंत्री जी सबसे आगे है। सांसद ने बताया कि जब वह कर्नाटक में थे में उनके लेख पढ़ता था। 2009 से 2014 के बीच जब 2-जी स्पेक्ट्रम चल रहा था। उस समय चीन का सॉफ्टवेयर था। उससे जुड़ा एक सवाल मैंने सचिव से पूछा लेकिन वह जवाब नही दे सके।

आईटी पार्क का किया उद्घाटन
आईटी पार्क शुरू हो जाएगा। दिल्ली-दून बाईपास पर वेदव्यासपुरी कॉलोनी में में आईटी पार्क का लोकार्पण सुबह 11 बजे कौशल विकास और उद्यमशीलता, इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने किया। ये प्रदेश का पांचवां आईटी पार्क होगा। डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने में यह आईटी पार्क महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके साथ ही क्षेत्र के एमएसएमई स्टार्टअप के लिए सॉफ्टवेयर निर्यात को गति प्रदान करेगा। इससे विदेशी निवेश और डिजिटल उत्तर प्रदेश के कार्यों में भी तेजी आएगी।आईटी पार्क में आईटी कंपनियां भी सेटअप लगाएंगी। 

हाई स्पीड डाटा सेंटर से लैस पार्क
पार्क में हाई स्पीड डाटा सेंटर को बनाया गया है। इसके लिए अलग से नेटवर्क ऑपरेशन सेंटर बनाया गया है। यह सुविधा युवा तकनीकी-उद्यमियों और स्टार्ट-अप के बीच नए सॉफ्टवेयर को बनाने और भारत को विश्व स्तर पर आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए मजबूत बनाएगी। 

दो मिनट तीन सेकेंड का वीडियो अपलोड
वहीं, मंत्रालय और सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया की ओर से दो मिनट तीन सेकेंड की वीडियो अपलोड की है। इसमें वेदव्यासपुरी में बने आईटी पार्क को ड्रोन कैमरे से दिखाया गया है। वर्ष -2017 में आईटी पार्क का शिलान्यास किया गया था। 
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