बार कौंसिल से भी अनुरोध
केंद्रीय संघर्ष समिति के संयोजक अजय कुमार शर्मा ने प्रदेश सरकार के द्वारा जारी निर्देशों को अधिवक्ताओं के विपरीत करार देते हुए कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि यूपी बार काउंसिल को भी इस संबंध में प्रदेश सरकार के विरुद्ध कठोर कदम उठाने चाहिए। आगामी रणनीति अधिवक्ताओं की होने वाली बैठक में तय होगी।
यूपी बार काउंसिल के पूर्व चेयरमैन और वर्तमान सदस्य रोहिताश्व कुमार अग्रवाल ने प्रदेश सरकार के निर्देश को न्यायपालिका पर कुठाराघात बताते हुए कहा कि इससे अधिवक्ताओं की गरिमा को ठेस पहुंची है। अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार के इस निर्देश के विपरीत यूपी बार काउंसिल भी शीघ्र कदम उठाएगी।
सरकार माफी के साथ वापस ले चिट्ठी
मेरठ बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता चौधरी नरेंद्र पाल सिंह ने कहा कि एक तरफ उच्चतम न्यायालय अधिवक्ताओं को कोर्ट ऑफिसर का दर्जा देता है वहीं प्रदेश सरकार अपमानजनक निर्देश जारी कर रही है। यह बेहद शर्मनाक है। सरकार माफी के साथ निर्देश तुरंत वापस ले।
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अधिवक्ता समाज का अपमान
मेरठ बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता गजेंद्र पाल सिंह धामा ने कहा कि समाज में अधिवक्ता एक बौद्धिक एवं सम्मानित दर्जा रखता है। उसी अधिवक्ता समाज के विपरीत यूपी सरकार द्वारा इस प्रकार के निर्देश जारी किया जाना गलत है। प्रदेश सरकार को यह निर्देश तुरंत वापस लेना चाहिए।