गर्भवती बहू और सास की मौत के बाद परिजनों में रोष था। हंगामे के दौरान हस्तिनापुर ब्लाक प्रमुख नितिन पोसवाल पीडितों के बीच पहुंचे। इस पर लोगों ने उनसे थाना प्रभारी के व्यवहार की शिकायत की। ब्लॉक प्रमुख ने एसडीएम से कहा कि क्या थाना प्रभारी को नहीं पता है कि तीन तीन मौत हुई हैं और वह लोगों से अभद्रता कर रहे हैं। मौके पर पहुंचे राज्यमंत्री दिनेश खटीक से भी परिजनों ने शिकायत की। उन्होंने सीओ उदय प्रताप सिंह को निर्देश दिए कि थाना प्रभारी की रिपोर्ट बनाकर एसएसपी को भेजी जाए। वे इस संबंध में एसएसपी से बात करेंगे।
पुलिस की संवेदनहीनता पर उठे सवाल
दुर्घटना में दो महिलाओं की ही मौत नहीं हुई। रीना के गर्भ में पल रहे छह माह के नवजात की मौत हुई है। हादसे में रीना के गर्भ का बच्चा भी बाहर आ गया। परिजनों के अनुसार, रीना का विवाह करीब एक वर्ष पहले हुआ था। वह करीब छह माह की गर्भवती थी। हादसे के बाद पुलिस ने तीनों के शवों को उठाकर भेज दिया, लेकिन शवों के अवशेष सड़क पर ही छोड़ दिए। जिसको बाद में रीना के पिता व परिवार के और सदस्यों ने एकत्र किया। ऐसे में लोगों ने पुलिस की संवेदनहीनता पर सवाल उठाए।
सठला तक किया टैंकर का पीछा
बाइक सवार महिलाओं को मौत के घाट उतारने के बाद चालक ने टैंकर को दौड़ा दिया। एक बाइक से उसका पीछा गांव सठला तक किया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टैंकर चालक ने किसी को भी आगे नहीं आने दिया। गनीमत रही कि कोई टैंकर की चपेट में नहीं आया। पीछा कर रहे बाइक सवार ने बताया कि उसने भागते टैंकर की नंबर प्लेट का मोबाइल से फोटो खींच लिया। उसने यह फोटो पुलिस को सौंपी है।
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