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मामूली तकरार... टूट रहे परिवार: कहीं मोबाइल बना रिश्ता टूटने का कारण तो कहीं माता-पिता के दखल से दूर हुए दंपती

Mon, 22 Jul 2024 12:50 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

कहीं मोबाइल बना रिश्ता टूटने की वजह तो कहीं माता-पिता और परिवार के दखल से दंपती दूर हो गए। मोबाइल पर बातचीत, बहू को रील बनाने से टोकने, सब्जी में नमक ज्यादा होने जैसी तमाम वजह कलह का सबब बन रही हैं। नौबत तलाक तक पहुंच जाती है। 
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Relationship Breakdowns - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जोड़ी आसमान बनती है इसीलिए पति-पत्नी का रिश्ता सात जन्मों का माना जाता है, लेकिन इस भौतिकवादी युग में रिश्तों के मायने बदलने लगे हैं। मसलन, छोटी सी बातें वैवाहिक रिश्तों की मिठास में खटास घोल रही हैं। 
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मोबाइल पर बातचीत, बहू को रील बनाने से टोकने, सब्जी में नमक ज्यादा होने जैसी तमाम वजह कलह का सबब बन रही हैं। नौबत तलाक तक पहुंच जाती है। नतीजतन, जन्म-जन्मातंर का यह बंधन शादी के चंद दिन बाद ही टूट जाता है। परिवार परामर्श केंद्रों में दर्ज लगातार ऐसे मामले बढ़े हैं।

माता-पिता के दखल से बिगड़ रही बात
बच्चों की शादी से पहले हर माता-पिता ढेरों सपने देखते हैं। बेटी कई सपने संजोकर ससुराल जाती है, लेकिन कई बार जैसे सपने माता-पिता और बेटी देखते हैं, ससुराल में माहौल इसके विपरीत मिलता है। 
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इसका मतलब यह नहीं कि उनकी बेटी को अच्छी ससुराल या अच्छा पति नहीं मिला। लेकिन समझदार माता-पिता और बेटियां नए माहौल में खुद को ढाल लेते हैं। कई बार बेटी के मोह में मामूली बातों पर भी माता-पिता ससुराल की छोटी-छोटी बातों में दखल देने लगते हैं। इससे बेटी का रिश्ता ज्यादा दिन नहीं चल पाता है।
 

माहौल में खुद को ढालने का करें प्रयास
ये हाल केवल मायके पक्ष का ही नहीं है, कुछ ससुराल पक्ष के लोग भी अपनी बहू से ढेरों उम्मीदें रखते हैं। खास तौर पर सास जब खुद बहू बनकर आईं थीं, उसी रूप में वह अपनी बहू को भी देखना चाहती हैं। जबकि वक्त के साथ काफी बदलाव आ चुका है। कुछ ननद भी अपनी भाभी से काफी उम्मीदें रखती हैं। ऐसे में कई बार बहू को छोटी-छोटी बातों पर सास ननद के दखल के साथ यह सुनना पड़ता है, हमारे यहां तो ऐसा नहीं होता। यही बातें कई बार विवाद का कारण बन जाती हैं। माता-पिता को भी नवदंपती की भावना को समझते हुए अपने हिसाब से ढालने का प्रयास करना चाहिए।
 

टूटते घर जोड़ने का प्रयास करते हैं
पुलिस लाइन स्थित परिवार परामर्श केंद्र प्रभारी आंचल शर्मा ने बताया कि शिकायतें आने पर हर 15 दिन में पति और पत्नी को बुलाया जाता है। उनकी काउंसिलिंग कराई जाती है। डेढ़ महीने तक दोनों पक्षों में सुलह के प्रयास कर टूटते घर जोड़ने का प्रयास किया जाता है। अगर इसके बावजूद बात नहीं बनती या फिर कोई पक्ष नहीं आता तो कानूनी कार्रवाई शुरू की जाती है।

केस-एक
ब्रह्मपुरी क्षेत्र निवासी महिला की पिछले साल ही शादी हुई थी। वह रील बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करती है। सास ने इस पर एतराज जताया तो तकरार हुई। विवाद इतना बढ़ गया कि लड़ाई झगड़े हुए और बहू ने ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए शिकायत कर दी। दो महीने से परिवार परामर्श केंद्र में मामला चल रहा है।
 

केस-दो
गंगानगर निवासी दंपती के मामला तीन माह से परिवार परामर्श केंद्र में मामला चल रहा है। महिला का कहना है कि सास को खाने में कम नमक खाने की आदत है। सब्जी में नमक ज्यादा होने पर वह ताने देती है। उसकी सास व ननद उनके काम मेें कमी निकालती हैं। पति से शिकायत करती है। वह ध्यान नहीं देता और काम व मोबाइल में मशगूल रहता है।

केस-तीन
कंकरखेड़ा निवासी दंपती के बीच चार माह से विवाद चल रहा है। युवक का आरोप है कि पत्नी के मां-बाप उनके घर के निर्णयों में काफी दखल देते हैं। पत्नी घर की छोटी-छोटी बातें फोन पर अपनी मां को बताती है। इसके अलावा सारा दिन मोबाइल चलाने में व्यस्त रहती है। टोकने पर वह झगड़ा करने लगती है। परिवार परामर्श केंद्र में दोनों के बीच सुलह के प्रयास चल रहे हैं।

केस-चार
टीपीनगर निवासी युवक ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी पत्नी घर के काम करने में आनाकानी करती है। जरूरत से ज्यादा पैसों की मांग करती है। संजने-संवरने के सामान में भी काफी रुपये खर्च करती है। पत्नी के अधिक खर्च करने का विरोध किया तो उसने अपने मायके वालों को बुला लिया। जिन्होंने युवक और उसकी मां व बहन के साथ मारपीट कर दी।
 

केस-पांच
सहारनपुर निवासी युवती की शादी पांच जुलाई 2022 को दाल मंडी के रहने वाले युवक से हुई थी। एक साल बाद मोबाइल को लेकर झगड़े होने लगे। मामला परिवार परामर्श केंद्र पहुंचा। दोनों के परिवार वालों को बुलाया। काउंसिलिंग हुई। इसके बाद दोनों का समझौता हुआ।

केस-छह
मुजफ्फरनगर कोतवाली मंडी क्षेत्र के चिलकाना रोड निवासी युवक की शादी 21 फरवरी 2021 को देहात कोतवाली क्षेत्र में बेहट रोड की रहने वाली युवती से हुई थी। शादी के छह महीने बाद ही टीवी में सीरियल देखने को विवाद होने लगा। मामला परिवार परामर्श केंद्र पहुंचा और दोनों की काउंसिलिंग की गई। करीब एक महीने तक काउंसिलिंग होने के बाद समझौता हुआ।

केस-सात
बागपत के छपरौली थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली महिला और सास के बीच अनबन में मायके जाने का मामला सामने आया। जिनके बीच पिछले चार-पांच महीने से विवाद चल रहा था। महिला पुलिस अधिकारियों ने काउंसलिंग कराकर दोनों के बीच समझौता कराया।

केस-आठ
मुजफ्फरनगर के थाना नई मंडी के मुस्तफाबाद निवासी युवती की शादी 20 जून 2009 को राकेश के साथ हुई थी। मारपीट और दहेज मांगने पर विवाद शुरू हो गया। परामर्श केंद्र पर दोनों के बीच समझौता हुआ।
 

मेरठ में साढ़े तीन साल में परिवार परामर्श केंद्र में पहुंचे मामले
वर्ष शिकायतें            मुकदमे समझौते लोक अदालत
2021 2340             60             580 919
2022 3153             149            784 1301
2023 4046             24             1877 2795
2024 2447             21             1172 1203
नोट- वर्ष 2024 के मामले 30 जून तक हैं।

पति-पत्नी के विवाद में छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद के मामले में अधिक सामने आ रहे हैं। महिला-पुरुष दोनों ओर से इस तरह की शिकायतें मिलती हैं। पुलिस का प्रयास है कि परामर्श के माध्यम से रिश्तों को टूटने से बचाया जाए। - डाॅ. विपिन ताडा, एसएसपी

शामली में सबसे कम विवाद
शामली में परिवार परामर्श केंद्र पर इस समय तीन मामले चल रहे हैं। पिछले एक साल में 15 पारिवारिक विवाद के मामले हैं। चार मामलों में दंपती के बीच एक साथ रहने के लिए समझौता हुआ है। आठ मामलों में फाइल बंद हुई है। एक मामले में रिपोर्ट दर्ज हुई है।
 

सहारनपुर में 124 विवादों में समझौता
पुलिस लाइन स्थित परिवार परामर्श केंद्र में एक साल के अंदर 307 प्रार्थना पत्र आए। इनमें से 124 मामलों में समझौता हुआ। 29 मामले लंबित हैं। 30 मामलों में मुकदमा दर्ज किया गया। दो मामले ऐसे रहे, जिनमें फैसले हुए हैं।
 

बागपत में 135 प्रकरणों में कानूनी कार्रवाई की संस्तुति
बागपत एसपी कार्यालय में संचालित परिवार परामर्श केंद्र में जुलाई 2023 से जुलाई 2024 तक 450 प्रकरण आए। 255 से अधिक प्रकरणों में समझौता होने के बाद दंपती साथ भेजे गए, जबकि 135 प्रकरणों में कानूनी कार्रवाई की संस्तुति की गई। अब वर्तमान में 60 प्रकरण लंबित चल रहे हैं। दोनों पक्षोंं को बुलाकर काउंसिलिंग भी कराई जा रही है।

 

मुजफ्फरनगर में 213 मुकदमों में समझौता
मुजफ्फरनगर पुलिस लाइन स्थित परिवार परामर्श केंद्र में पिछले एक साल में 581 प्रार्थना पत्र आए। इनमें 213 मामलों में समझौता हुआ। 23 मामलों की सुनवाई चल रही है। कुल 90 मामलों में मुकदमा दर्ज किया गया। आवेदक की ओर से 255 पत्रावलियां बंद करा दी गईं।

 
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बिजनौर में 236 दंपतियों में सुलह कराई
बिजनौर के परिवार परामर्श केंद्र में एक जनवरी से जून 2024 तक 469 प्रार्थना पत्र आए। इनमें 236 मामलों में आपसी बातचीत और समझौता कराते हुए जोड़ों के बीच सुलह कराई गई। 22 मामलों में सुलह नहीं हो सकी और रिपोर्ट दर्ज हो गई। 469 प्रार्थना पत्रों में 106 ऐसे मामले थे जो पहले से ही कोर्ट में विचाराधीन थे। फिलहाल 67 मामले लंबित हैं। इनमें पति और पत्नी को परामर्श केंद्र पर बुलाकर काउंसिलिंग कराते हुए सुलह का प्रयास किया जा रहा है। 38 प्रार्थना पत्रों को महिला थानों में भेजकर सुलह कराई गई है।
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