मेरठ में जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर है और वे अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि यह मामला अदालत में चल रहा है। लेकिन सवाल है कि जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से मरीजों के इलाज पर असर पड़ सकता है।
मेरठ में एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज के जेआर-वन डॉक्टर्स धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। वह नीट की काउंसिलिंग न होने से नाराज है। जेआर-वन की काउंसिलिंग न होने से वह प्रोन्नत नहीं हो पा रहे हैं।
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डॉक्टरों ने बताया कि 16 से 20 घंटे तक लगातार काम करना पड़ रहा है। हर वर्ष जूनियर डॉक्टर्स-वन आने के बाद पहला बैच प्रोन्नत होकर जेआर-टू में चला जाता है, लेकिन इस बार अभी काउंसिलिंग नहीं हुई है। मामला अदालत में चल रहा है।
प्राचार्य का कहना है कि चिकित्सा सेवाएं सुचारू हैं। जेआर-टू और थ्री कार्य कर रहे हैं। जेआर वन को मनाने का प्रयास किया जा रहा है। रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय कुमार का कहना है कि बात नहीं बनी तो कल से ओपीडी और इमरजेंसी सेवाओं से दूरी बनाई जा सकती है। सभी जेआर प्रदर्शन लर सकते हैं।