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खादर क्षेत्र के हालात: बाढ़ के पहले ही झटके में बह गए 19 करोड़ के तटबंध, पढ़िए पूरी रिपोर्ट

Fri, 29 Oct 2021 05:36 PM IST
कपिल kapil रविंद्र चौहान, अमर उजाला देहात, हस्तिनापुर, मेरठ

सार

हस्तिनापुर में इस बार बाढ़ ने पूरा कहर बरपाया है। यहां 19 करोड़ की लागत से बनाया गया तटबंध इसी वर्ष बाढ़ में बह गया। इससे खादर क्षेत्र में लोगों को काफी परेशानी का सामना कर पड़ा।
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बाढ़ से बह गए तटबंध। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मेरठ में हस्तिनापुर के खादर क्षेत्र में लगभग एक सप्ताह पूर्व में आई बाढ़ से शेरपुर नई बस्ती के समीप लगभग नौ करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे कटाव निरोधक तटबंध का 300 मीटर हिस्सा गंगा की बाढ़ में बह गया। इसके अलावा 19 करोड़ की लागत से फतेहपुर प्रेम मंदिर के समीप बनाया गया तटबंध इसी वर्ष बाढ़ में बह गया था। खादर क्षेत्र में बाढ़ रोकने के लिए लगभग 19 करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए, लेकिन बाढ़ को नहीं रोका जा सका।

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खादर क्षेत्र में करोड़ों रुपयों का मोटा बजट खर्च किया गया, लेकिन बाढ़ से बचाव के सभी दावे फेल हो गए। सिंचाई विभाग के माध्यम से सरकार ने खादर क्षेत्र में करीब 19 करोड़ रुपये की लागत से क्षेत्र में दो कटाव निरोधक तटबंधों का निर्माण कराया गया, जिनमें से पहली परियोजना में फतेहपुर प्रेम मंदिर के समीप 10 करोड़ की लागत से एक किलोमीटर लंबे तटबंध का निर्माण कराया गया। 19 जून को आई बाढ़ में इसका करीब डेढ़ सौ मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। चार महीने बाद भी इसी स्थिति में है। 

वहीं दूसरी परियोजना में इसी वर्ष शेरपुर नई बस्ती के समीप करीब आठ करोड़, 70 लाख रुपये से 950 मीटर तटबंध तैयार किया जाना था, जहां पर करीब 700 मीटर तटबंध तैयार कर लिया गया था। गंगा का जलस्तर बढ़ने पर कार्य रोक दिया गया। 19 अक्तूबर को गंगा उफान पर आई और इस निर्माणाधीन तटबंध का लगभग 300 मीटर हिस्सा पानी में बह गया। 
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लोगों का कहना है कि लगभग 19 करोड़ रुपये से सरकार ने यहां पर तटबंध का निर्माण तो कराया, लेकिन यह क्षेत्र को बाढ़ से सुरक्षित नहीं रख पाया। इनका निर्माण किस तकनीक से किया गया था जो यह बाढ़ का एक भी झटका नहीं झेल पाए। ग्रामीणों का का कहना है कि क्या भरोसा कि यहां जिस 49 करोड़ रुपये की परियोजना आने की सुगबुगाहट सुनाई दे रही है, वह क्षेत्र के लोगों को बाढ़ से सुरक्षित बचा पाएगी।

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उच्च अधिकारियों से बात करेंगे
खादर क्षेत्र को बाढ़ से सुरक्षित बचाने के दावे करते हुए दो कटाव निरोधक तटबंध का निर्माण कराया गया। परंतु दोनों ही तटबंध है बाढ़ के पहले ही झटके में बह गए। तटबंध के निर्माण कार्यों में बरती गई अनियमितताओं को देखते हुए उच्च अधिकारियों से बात करेंगे। - प्रभुदयाल वाल्मीकि, पूर्व विधायक 

दोनों तटबंध कराए जाएंगे दुरुस्त
अभी गंगा का जलस्तर अधिक है, जिसके चलते तटबंध पर कार्य नहीं हो सकता। जलस्तर कम होते ही बाढ़ में टूटे तटबंध को दुरुस्त कराया जाएगा। - एनपीएस मथूरिया, एसडीओ, सिंचाई विभाग
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