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UP News: बसपा ने योगेंद्र जाटव को बनाया मंडल कोऑर्डिनेटर, योगेंद्र बोले, मैं भाजपा का सच्चा सिपाही

Tue, 27 Aug 2024 10:12 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

जिस योगेंद्र जाटव को बसपा ने कोऑर्डिनेटर बनाया, उन्हीं योगेंद्र का कहना है कि वे भाजपा के सच्चे सिपाही हैं। उनका बसपा से कोई लेना-देना नहीं है।
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बसपा सुप्रीमो मायावती। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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बसपा नेताओं ने पार्टी में अपना कद बढ़ाने के लिए मंडल कोऑर्डिनेटर के पद बांट दिए। मंडल कोऑर्डिनेटर बनाए गए योगेन्द्र जाटव ने तो खुद को भाजपा का सच्चा सिपाही बताते हुए बसपा से कोई नाता न होने की बात कही है। अब बसपा के नेता अपनी साख बचाने में जुटे हैं। यह मामला मंगलवार को लखनऊ में बसपा सुप्रीमो मायावती के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने के लिए बुलाए गए सम्मेलन में भी छाया रहा। किरकिरी होता देख, बसपा नेता बगलें झांक रहे हैं। मामला पार्टी हाईकमान पहुंचा तो एक-दो पदाधिकारियों पर गाज गिर सकती है।
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बसपा में उठापटक का दौर जारी है। विधानसभा चुनाव से पहले कई लोगों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया गया था। इनमें पूर्व जिलाध्यक्ष योगेंद्र जाटव और प्रशांत गौतम और दिनेश काजीपुर भी थे। पिछले सप्ताह बसपा के राष्ट्रीय महासचिव मुनकाद अली और जिलाध्यक्ष जयपाल सिंह पाल ने पार्टी से निकाले गए इन पुराने नेताओं को दोबारा से जगह दी। इतना ही नहीं योगेंद्र और प्रशांत को मंडल कोऑर्डिनेटर बना दिया। दिनेश काजीपुर को कोई पद नहीं दिया गया।
 
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इसके बाद पार्टी के अन्य पदाधिकारियों ने असंतुष्टता जतानी शुरू कर दी। पार्टी के अंदर विरोध भी शुरू हो गया। उम्मीद थी कि योगेंद्र जाटव मंगलवार को बसपा सुप्रीमो द्वारा लखनऊ में बुलाए गए सम्मेलन में पहुंचेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। लखनऊ कार्यक्रम में मेरठ से बसपा के राष्ट्रीय महासचिव बाबू मुनकाद अली, मंडल कोऑर्डिनेटर डॉ. कमल कुमार, मोहित आनंद, जिलाध्यक्ष जयपाल सिंह पाल, सतपाल पेपला और प्रशांत गौतम पहुंचे। उधर योगेंद्र जाटव मेरठ में ही रहे। इतना ही नहीं, उन्होंने बसपा को डूबता हुआ जहाज बताया। इस संबंध में जिलाध्यक्ष जयपाल सिंह पाल का कहना है कि योगेंद्र से स्वीकृति के बाद ही उन्हें मंडल कोऑर्डिनेटर बनाया गया था। अब वह मना कर रहे हैं।
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