पिता ने पुलिस अधिकारियों को दिए प्रार्थना पत्र में कहा है कि अगर उनकी बेटी आत्महत्या करती तो कोई सुसाइड नोट जरूर मिलता, लेकिन ऐसा कुछ नहीं मिला। उन्होंने कहा कि अपर्णा ने लोन लेकर पीजी में उसके साथ रहने वाली रूममेट को पैसे दिए थे। हो सकता है कि वो पैसे वापस मांग रही हो और उसके साथ ये घटना हुई हो।
उन्होंने कहा है कि पीजी में प्रवेश करने और छत से गिरने के बीच के 17 मिनट की सीसीटीवी फुटेज गायब होना भी सवाल खड़े करता है। अपर्णा के मोबाइल की वाट्सएप चैट भी डिलीट मिली थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अपर्णा को कोई चोट के निशान मिले। उसके हाथ पर नाखूनों के भी निशान मिले थे।
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पिता ने कहा कि अपर्णा 24 अगस्त को ही मेरठ से नोएडा गई थी, उसे सुसाइड ही करना होता तो वह मेरठ में ही कर सकती थी। पीजी में एंट्री करने की कोई जानकारी संचालक को क्यों नहीं हुई। घटना के बाद अपर्णा के पास से सिर्फ 12 रुपये मिले थे, ऐसे में बाकी पैसे कहां गए।
ये सवाल उसके साथ घटना होने की तरफ इशारा करते हैं। सतीश वर्मा ने गौतमबुद्धनगर के सेक्टर 58 थाना प्रभारी को प्रार्थना पत्र देते हुए पूरे मामले की गहनता से जांच कराने की मांग की है ताकि उनकी बेटी को इंसाफ मिल सके।