मेरठ में मां काली की पूजा के बाद रावण के पुतले पर शराब का भोग लगाया जाता है। रावण की ससुराल में यह रिवाज है। दावा किया जाता है कि अगर पुतले पर शराब न चढ़ाई जाए तो पुतला खड़ा नहीं हो पाता है। भैसाली, रजबन व अन्य रामलीला में पुतला खड़ा करने के दौरान पुतले पर मदिरा चढ़ाई जाती है।
भैसाली ग्राउंड अयोध्यापुरी रामलीला समिति के महामंत्री गणेश अग्रवाल ने बताया कि रावण के पुतले को मदिरा का भोग लगाया जाता है। ऐसा न करने पर पुतला खड़ा नहीं हो पाता है और हादसे की भी आशंका बनी रहती है।
उन्होंने बताया कि कई बार कमेटी सदस्यों से कारीगरों को बाध्य किया कि बिना मदिरा का भोग लगाए पुतले को खड़ा करें लेकिन कई घंटों की कोशिश के बाद भी पुतला नहीं खड़ा हुआ।
रजबन रामलीला कमेटी के संयोजक सतीश यादव ने बताया कि पुतला खड़ा करने से पहले काली मां की पूजा की जाती है। इसके बाद पुतला जहां खड़ा किया जाता है वहां मिट्टी में थोड़ी सी खराब डालकर रिवाज को पूरा किया जाता है। यह नियम शहर की अधिकांश रामलीला में पुतला खड़ा करने से पूर्व किया जाता है।