खुलकर हो रही शराब तस्करी, क्या कर रहे जिम्मेदार
जहरीली शराब से दो लोगों की मौतों के साथ ही यह भी खुलासा हुआ है कि क्षेत्र में अवैध शराब की तस्करी काफी समय से खुलकर हो रही है, जबकि पुलिस और आबकारी विभाग हाथ पर हाथ धरकर बैठे हैं। बताया जा रहा है कि शराब माफिया के गुर्गों से पंचायत चुनाव के संभावित प्रत्याशियों द्वारा शराब बंटवाई जा रही थी। इससे पहले भी ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब से मौत होने के मामले सामने आते रहे हैं। लेकिन पंचायत चुनाव की आहट से भी अवैध शराब के वितरण को बढ़ावा मिल रहा है। डूंगर गांव में दो लोगों की मौत के बाद कोहराम मचा है। जबकि अवैध शराब के सेवन से काफी संख्या में लोग बीमार हैं, जिनका मेरठ के निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
वहीं पुलिस व आबकारी विभाग के अधिकारी यह स्पष्ट नहीं कर सके हैं कि यह अवैध शराब आखिर आई कहां से और किससे खरीदी गई। लेकिन बताया जा रहा है कि शराब माफिया के द्वारा हरियाणा और हिमाचल से भी शराब की तस्करी की जा रही है। पुलिस गांव में जाकर जांच पड़ताल करने का दावा कर रही है। वहीं, रोहटा थाना पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लेकर कुछ पेटी शराब बरामद करने का दावा किया है।
लॉकडाउन में बिकी शराब
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पहले से ही अवैध शराब आ रही है। कई लोग कहते हैं कि गांव के काफी लोग अवैध शराब का कारोबार चलाते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि लॉकडाउन में भी अवैध शराब गांव में बिकती रही है। अवैध शराब की बिक्री की जानकारी होने के बाद पुलिस और आबकारी विभाग कार्रवाई नहीं करता। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने अपने स्तर पर इस पर रोक लगाने की कोशिश की, परंतु प्रशासनिक अधिकारी ही इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। युवा पीढ़ी भी नशे के दलदल में धंस रही है। ऐसे में किसी गंभीर घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
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