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मंत्री नितिन गडकरी से नहीं हुई किसानों की मुलाकात, दी चेतावनी, बोले- एक्सप्रेस-वे पर नहीं होने देंगे काम

Tue, 21 Jul 2020 12:11 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

  • दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे : परिवहन मंत्री से मुलाकात नहीं कराने पर किसान नाराज
  • किसानों की चेतावनी नहीं होने देंगे काम
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काला झंडा लेकर विरोध करते किसान। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एक समान मुआवजे की मांग कर रहे किसानों की मुलाकात परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से नहीं कराने से उनमें रोष है। बीते दो सप्ताह से मुरादाबाद और भोजपुर गांव में धरना दे रहे किसानों ने कहा कि अब वह दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे पर काम नहीं होने देंगे। आंदोलन के लिए आज रणनीति बनाई जाएगी। 

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बता दें कि सोमवार को किसानों को एनएचएआई अधिकारी मनोज कुमार से मिलवाया गया। किसान नेता सतीश राठी ने बताया कि उन्होंने मुआवजा मामले को राज्य सरकार पर छोड़ दिया है। किसानों ने कहा कि हमें परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मिलवाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन जिला प्रशासन ने धोखा किया। किसानों ने एक्सप्रेस-वे पर पशु बांधने का भी एलान किया। उन्होंने चेतावनी दी है कि काम बंद कराकर डासना से मेरठ तक पैदल मार्च निकाला जाएगा। 

करीब 40 फीसदी काम पर संकट
एनएचएआई अधिकारियों का दावा है कि अब सिर्फ डासना से मेरठ तक 40 प्रतिशत काम ही बचा है। अधिकारियों ने काम जारी रखने के लिए पुलिस बल की मांग की है। काम बंद होता है तो दिसंबर-2020 तक चौथे चरण का काम पूरा नहीं हो सकेगा। 
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ये हैं प्रमुख मांगे
काशी, सोलाना, अच्छरोंडा, भूडबराल, परतापुर सहित अन्य गांवों की आर्बिटेशन की सुनवाई नहीं हुई, डासना से मेरठ तक किसानों के आवागमन के लिए सर्विस रोड बनाई जाए आदि प्रमुख मांगे हैं।

कृषि अध्यादेशों का विरोध
भाकियू हरियाणा और पंजाब के ऐलान पर भारतीय किसान आंदोलन ने सोमवार को ट्रैक्टरों पर काले झंडे बांधकर कृषि सेक्टर के लिए जारी हुए तीन अध्यादेशों का विरोध किया और पीएम के नाम पत्र भेजा। संगठन अध्यक्ष कुलदीप त्यागी ने बताया कि केंद्र सरकार ने कंपनियों को मंडी के बाहर ही किसानों की फसल खरीदने, आलू और प्याज का भंडारण पर रोक हटाने और कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग अध्यादेश जारी किए हैं। इससे किसानों की हालत खराब होगी।

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