अधिकारियों ने शाहीन परवेज को सख्त कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। उन्होंने आयशा के पति की कुर्की कराने की मांग की। सीओ सिविल लाइन ने सोमवार को कुर्की कराने का आश्वासन देकर चौथे दिन आयशा का धरना समाप्त कराया।
इस दौरान थाने पर आयशा के माता-पिता और क्षेत्र के संभ्रांत लोग मौजूद रहे। पुलिस द्वारा कार्रवाई की बात कहे जाने पर आयशा अपने माता पिता और ताऊ के साथ अपने मायके ढवाई नगर चली गई है। वहीं शाहीन परवेज ने कहा विवाहिता को उसके पति ने तलाक दे दिया है। जो कानूनी तौर पर अमान्य है। मुस्लिम महिला विवाह संरक्षण अधिनियम संशोधन एक्ट 3/4 के तहत तलाक -ए बिददत कानूनी अपराध की श्रेणी में आ गया है।
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एक्ट की धारा 3 के तहत तलाक -ए-बिददत अमान्य हैं। जब तक लड़की माननीय मजिस्ट्रेट की कोर्ट में खड़ी होकर अपनी बात नहीं रखेगी या जब तक माननीय मजिस्ट्रेट लड़की को नहीं सुन लेंगे तब तक इसमें लड़के को बेल नहीं दी जाएगी। वहीं मामले में आयशा का कहना है उसके दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। वह इस तलाक को नहीं मानती और अपने पति के साथ ही रहना चाहती है।