निरंतर कराना पड़ता है इलाज
मिर्गी की दवा सरकारी अस्पतालों में निशुल्क मिलती हैं। इसका इलाज निरंतर कराना पड़ता है। यदि व्यक्ति एक समय की भी दवा छोड़ देता है तो दौरा पड़ने का खतरा रहता है। अगर व्यक्ति को तीन साल तक दौरा न पड़े और जांच नॉर्मल हो तो दवा बंद कर देनी चाहिए।
- डॉ. तरुण पाल, मनोरोग विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज
मरीज को अस्पताल ले जाएं
मिर्गी के 90 फीसदी दौरे 2 मिनट के होते हैं। दौरा 5 मिनट से ज्यादा का है तो नाक के जरिए दवा दी जाती है। मुंह के जरिए कुछ भी नहीं देना चाहिए। 5 मिनट से ज्यादा के दौरे की स्थिति में मरीज को अस्पताल ले जाना चाहिए।
- डॉ. कमलेंद्र किशोर, मानसिक रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल
यह रखें ध्यान
- मिर्गी के रोगियों को चिकित्सक की सलाह के अनुसार दवा लेनी चाहिए।
- पर्याप्त व्यायाम, स्वस्थ आहार का ध्यान रख पर्याप्त नींद लेनी चाहिए।
- परिवार में कोई मिर्गी रोगी है तो उसके दौरे की अवधि देखना जरूरी है।
- गंभीर स्थिति या ज्यादा अवधि के दौरे पर ही रोगी को अस्पताल में दिखाना चाहिए।
- मिर्गी आने पर मरीज को जमीन पर या समतल स्थान पर करवट से लिटा दें या उसकी गर्दन एक ओर मोड़ दें, ताकि मुंह में जमा लार और झाग बाहर निकल जाएं।
- मरीज के पास से फर्नीचर, तेज, नुकीली, चुभने वाली या धारदार वस्तुएं हटा दें।
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