मेरठ। लॉकडाउन के चलते डॉक्टरों की ओपीडी नहीं होने से मरीज झोलाछाप पर निर्भर हो गए हैं। वहीं, उनके इलाज से लोगों की जान पर बन रही है। लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र में एक झोलाछाप दंपती के इलाज से एक किशोरी अपाहिज होने क ेकगार पर है। पीड़ित के परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ थाने में तहरीर दी है।
खुशहाल नगर निवासी शरीफ की पुत्री रानी की तबीयत बीती सात अप्रैल को अचानक खराब हो गई थी। डॉक्टर नहीं मिलने से शरीफ ने उसे सद्दीक नगर निवासी झोलाछाप खालिद को दिखाया था। आरोप है कि खालिद और उसकी पत्नी नाजमा ने एक के बाद एक रानी को कई इंजेक्शन और ग्लूकोज की बोतलें चढ़ाईं। वे कई दिन तक किशोरी का इलाज करते रहे। इसके बावजूद रानी की तबीयत बिगड़ती चली गई। कुछ दिन बाद किशोरी की कमर से नीचे के हिस्से ने काम करना बंद कर दिया। शरीफ के मुताबिक इसके बाद से उसकी पुत्री का शहर के एक बड़े चिकित्सक से इलाज चल रहा है। पीड़ित का आरोप है कि झोलाछाप और उसकी पत्नी से शिकायत की तो उन्होंने धमकी दी है। शरीफ ने झोलाछाप और उसकी पत्नी के खिलाफ सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला से शिकायत की। इस पर उन्होंने इंस्पेक्टर लिसाड़ी गेट प्रशांत कपिल को जांच के बाद कड़ी कार्रवाई का आदेश दिया।