मेरठ। सरकार ने पूर्वांचल एवं बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का निर्माण शुरू करने की अनुमति दी है। इससे करीब सात हजार मजदूरों को राहत मिलेगी। वहीं, मेरठ में चल रहे निर्माण कार्यों को शुरू करने की अनुमति जिला प्रशासन ने नहीं दी है। कोरोना संक्रमण के चलते सबसे अधिक असर इन प्रोजेक्ट पर पड़ा है। इन्हें पुन: शुरू करने पर सोशल डिस्टेंसिंग एवं समय-समय पर स्क्रीनिंग का पालन करना होगा।
मेरठ-बुलंदशहर हाईवे 31 मार्च तक पूर्ण होना था। लॉकडाउन के चलते पूरा काम अधर में है। 20 अप्रैल के बाद भी मेरठ, बुलंदशहर एवं हापुड़ के जिलाधिकारियों ने काम शुरू करने की अनुमति नहीं दी है। वर्ष 2011 में राष्ट्रीय राजमार्ग 235 के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई। 2016 में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मेरठ-बुलंशहर राष्ट्रीय राजमार्ग का शिलान्यास किया था। पहले इसका निर्माण मार्च 2019 तक पूरा होना था। परियोजना निदेशक डीके चतुर्वेदी का कहना है कि डीएम ने निर्माण कार्य शुरू करने की अनुमति नहीं दी है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर बारिश के बाद अब कोरोना संक्रमण की मार पड़ रही है। एनएचएआई इस प्रोजेक्ट की गति को लेकर चिंतित है। अधिकारियों ने प्रोजेक्ट निर्माण के लिए गाजियाबाद एवं मेरठ के डीएम से अनुमति मांगी थी परंतु जवाब नहीं मिला है।