दरोगा ने किया अमर्यादित भाषा का प्रयोग, थाने में जमीन पर बैठा पीड़ित पक्ष
सरधना। जानलेवा हमले के मामले में दर्ज मुकदमे में गिरफ्तारी की मांग को लेकर भाजपा नेता के साथ थाने पहुंचे पीड़ित पक्ष के लोगों ने मुकदमे की विवेचना कर रहे दरोगा पर अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाया। जिस पर थाने में बखेड़ा हो गया। परिजन थाने में ही जमीन पर बैठ गए। दरोगा बाइक स्टार्ट कर शोभायात्रा में ड्यूटी पर निकल गया। अन्य पुलिसकर्मियों ने परिजनों को शांत किया। पीड़ित पक्ष ने डीएम और एसएसपी को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
तहसील रोड निवासी डीजे संचालक सोनू व उसके भाई विकास पुत्र वेदप्रकाश उर्फ बिद्दी पर 19 सितंबर को नगर में निकाली जा रही गणेश विसर्जन यात्रा के दौरान कुछ युवकों ने जानलेवा हमला कर दिया था। सोनू ने अमन, शनि, मोहित, सौरभ, दीपक व अन्य पर मुकदमा दर्ज कराया था।
बताया कि बुधवार को वह भाजपा नेता विक्की सैनी व संतराम सैनी के साथ थाने पहुंचे तो विवेचक दरोगा ने उनके साथ अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया। इसके बाद वह थाने में ही जमीन पर बैठ गए। कहा कि जब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक वह नहीं उठेंगे। पुलिस कर्मियों ने दुर्गाष्टमी पर ड्यूटी लगी होने की बात कही, तब जाकर वह लौटे। उन्होंने कहा कि यदि आरोपियों पर जल्द कार्रवाई नहीं होती तो वह अपना मकान आदि बेचकर कहीं चले जाएंगे।
थानाध्यक्ष लक्ष्मण वर्मा का कहना है कि धारा 307 का मुकदमा लिखा गया था, लेकिन चोट के आधार पर धारा 307 नहीं बन रही थी, जिसके बाद संबधित धारा में आरोपी का चालान किया गया।
ज्यादा दबाव बनाया तो नगर छोड़ देंगे
आरोपी पक्ष अनिल गुप्ता का कहना है कि गणेश चतुर्थी के दौरान जो भी घटना हुई, उसमें वह न तो खुद शामिल थे नही उनके पुत्र। उनकी नामजदगी सोनू पक्ष द्वारा गलत तरीके से कराई गई है। इस मामले का पूरा वीडियो एसएसपी को सौंपा गया है, उसके बावजूद पुलिस उस पर गिरफ्तारी का दबाव बना रही है। जिसमें उन्हें अपने पुत्र की बुधवार को कोर्ट से जमानत करानी पड़ी। यदि पुलिस ने उन पर ज्यादा दबाव बनाया तो वह मकान व दुकान बेचकर नगर छोड़कर चले जाएंगे।