आईटीएमएस के लिए 15 अक्तूबर तक पूरा करना होगा सर्वे
मेरठ। शहर के नौ चौराहों पर आईटीएमएस सुविधा के लिए नगर निगम ने सर्वे करने के लिए दो कंपनियों के साथ अनुबंध किया है। कंपनियों ने सर्वे शुरू कर दिया है। 15 अक्तूबर तक सर्वे का काम भी पूरा हो जाएगा। इसके बाद सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। सिस्टम को चालू करने के लिए अहमदबाद की बेस कंपनी मेसर्स टेक्नोसिस सिक्योरिटी और सहयोगी कंपनी मेसर्स सेंसिक्योर इंटीग्रेटेड सॉल्यूशन को ठेका दिया है। सिस्टम पर 32.24 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
राज्य स्मार्ट सिटी योजना के तहत यातायात सुधारने के लिए शहर के नौ चौराहों को इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगाए जाएंगे। यातायात नियमों का पालन नहीं करने वाले कैमरे में कैद होंगे। नियमों का उल्लंघन करने वालों का चालान होगा। आईटीएमएस से यातायात व्यवस्था ही नहीं सुधरेगी, बल्कि अपराधों में भी कमी आएगी। सर्वे करने के लिए एनईसी प्रा. लि. और सहयोगी कंपनी को वर्क ऑर्डर दिया जा चुका है।
नगर निगम के अधिशासी अभियंता अमित शर्मा का कहना है कि दोनों कंपनियों को 15 अक्तूबर तक सर्वे रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। जिन चौराहों पर कुछ कमियां मिलेेगी, कंपनी उनसे जुड़े विभाग जैसे नगर निगम, एमडीए, ट्रैफिक पुलिस, विद्युत विभाग से संपर्क करेगी। चौराहों पर आईटीएमएस को एक कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा। इसके लिए कचहरी स्थित विकास भवन परिसर में भवन निर्माण किया जाना प्रस्तावित है।
स्मार्ट रोड पर भी शासन को भेजी जा रही है रिपोर्ट
स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर में एक मार्ग को स्मार्ट बनाया जाना है। नगर निगम प्रशासन पूर्व में शासन को ईव्ज चौराहा से कचहरी और सर्किट हाउस तक स्मार्ट रोड का प्रस्ताव भेज चुका है। हालांकि इस प्रस्ताव पर पीडब्लूडी ने भी अपना पक्ष रखा है। बताया जा रहा है कि यह मार्ग पीडब्लूडी का है।