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विकास की पहल: मेरठ में चार स्थानों का सर्वे, डेढ़ सौ स्थानों पर मुफ्त वाई-फाई, लखनऊ कंट्रोल रूम से जुड़ेंगे केंद्र

Tue, 05 Oct 2021 01:57 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ में 150 स्थानों पर वाई-फाई की सुविधा दी जाएगी। चार स्थानों का सर्वे किया गया है। जीपीएस के माध्यम से नगर निगम अपनी गाड़ियों की लोकेशन भी ट्रेस करेगा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ में इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) योजना से सिर्फ शहर के चौराहों की यातायात व्यवस्था ही नहीं सुधरेगी, बल्कि लोगों को मुफ्त वाई-फाई योजना का लाभ भी दिया जाएगा। शहर में 150 स्थानों पर वाई-फाई की सुविधा दी जाएगी। चार स्थानों का सर्वे किया गया है। जीपीएस के माध्यम से नगर निगम अपनी गाड़ियों की लोकेशन भी ट्रेस करेगा। निगम का दावा है कि बंगलूरू की तर्ज पर मेरठ चमकेगा।
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महानगर में वाई-फाई लगाने की जिम्मेदारी मिलते ही निजी कंपनी की टीम सोमवार को नगर निगम पहुंची। टीम ने नगर निगम के अधिशासी अभियंता अमित शर्मा के साथ बैठक की। इसके बाद भैसाली रोडवेज बस अड्डा, सदर तहसील, कमिश्नरी चौराहा और चौधरी चरण सिंह विवि में सर्वे किया गया। टीम के सदस्यों ने बताया कि वाई-फाई का सेटअप तैयार करने में लगभग छह माह लगेंगे।

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लखनऊ कंट्रोल रूम से जुड़ेंगे वाई-फाई केंद्र
वाई-फाई सुविधा का डाटा लखनऊ में बनाए जा रहे कंट्रोल रूम से उपलब्ध रहेगा। यानी जनता को संबंधित सुविधा देने या कम करने का अधिकार भी लखनऊ कंट्रोल रूम के पास होगा। स्थानीय स्तर पर भी कंट्रोल रूम बनेगा, जिसके माध्यम से कुछ व्यवस्था दी जाएगी। इस कार्य को पूरा करने के लिए लगभग छह माह लगेंगे।

वाई-फाई से जुड़ेंगे चौराहों के आईटीएमएस
शहर के चौराहों पर यातायात व्यवस्था को भी वाई-फाई से जोड़ा जाएगा। इससे यह भी साफ हो रहा है कि आईटीएमएस और वाई-फाई एक दूसरे के अंग हैं। निगम अधिकारियों की माने तो आने वाले समय में वाई-फाई व्यवस्था से कई अन्य लाभ होंगे।

निगम ने मांगा वाई-फाई, कंपनी ने किया इनकार
नगर निगम के अधिशासी अभियंता अमित शर्मा का कहना है कि प्राइवेट कंपनी से मांग की गई है कि वह फिलहाल एक स्थान जैसे तहसील या कमिश्नरी में वाई-फाई सुविधा देना प्रारंभ करें। वह भी इन कार्यालयों में संचालित वाई-फाई से ही कनेक्ट कर दिया जाए। हालांकि कंपनी के अधिकारियों ने इस तरह सुविधा देने से हाथ खड़े किए हैं। यह बात ही सही है कि अभी लखनऊ में कंट्रोल रूम की स्थापना नहीं की गई है।
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