उन्होंने पुलिस से कहा कि या तो हमें लखीमपुर जाने दो या गिरफ्तार कर लो। इसके बाद पुलिस उन्हें अपने वाहनों से शाहजहांपुर पुलिस चौकी पर ले आई। उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, फतेहगढ़ साहिब के विधायक कुलजीत सिंह नागरा, नवा शहर के विधायक अंगद सैनी चौकी परिसर में ही धरना देकर बैठ गए। इस दौरान अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) डॉ. अर्चना द्विवेदी, पुलिस अधीक्षक देहात अतुल शर्मा, सीओ नकुड़ अरविंद सिंह पुंडीर और सरसावा थाना पुलिस और पीएसी के जवान भी मौजूद रहे।
यह भी पढ़ें: किसानों में उबाल: लखीमपुर खीरी की घटना का पश्चिमी यूपी पर कितना बड़ा असर, तस्वीरों में देखें छह जिलों का हाल
इस संबंध में एसपी देहात अतुल शर्मा ने कहा पुलिस ने किसी को गिरफ्तार नहीं किया है, बल्कि सभी माननीय को शाहजहांपुर पुलिस चौकी पर लाया गया है।
कांग्रेस नेता भी मौके पर पहुंचे
पंजाब के उपमुख्यमंत्री और विधायकों को यूपी-हरियाणा सीमा पर रोके जाने की जानकारी मिलने पर सहारनपुर से जिलाध्यक्ष मुजफ्फर अली, विधायक नरेश सैनी और मसूद अख्तर, कांग्रेस नेता शायान मसूद सहित अन्य पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने भी उपमुख्यमंत्री और विधायकों को रोके जाने पर विरोध जताया। देर रात तक कांग्रेस नेता वहीं मौजूद रहे। पुलिस प्रशासनिक अधिकारी उन्हें समझाने बुझाने में लगे रहे।
पार्षदों ने भी जताया विरोध
लखीमपुर खीरी की घटना के विरोध में नगर निगम के पार्षद दल ने कलक्ट्रेट पहुंचकर विरोध जताया। पार्षद मंसूर बदर, शहजाद मलिक, डॉ. अहसान, सईद सिद्दीकी, नौशाद, फैसल अंसारी, सफ्फान, इनाम, मुराद, मलतूब ने कहा लखीमपुर खीरी की घटना पर सीबीआई जांच कराई जाए। साथ ही मृतक आश्रितों को एक एक करोड़ रुपये आर्थिक सहायता दिलाई जाए।
लोकतंत्र की हत्या कर रही सरकार : भूषण
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की पूर्व एआईसीसी उमा भूषण ने कहा भाजपा सरकारें लोकतंत्र की हत्या कर रही हैं। लखीमपुर खीरी में सुनियोजित तरीके से किसानों की हत्या की गई। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी को लखीमपुर खीरी जाने से रोकने पर सरकार ने अपनी विफलता और भय का परिचय दिया है। इस घटना की वह घोर निंदा करती है।