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सुहेल गार्डन हत्याकांड : 20 दिन बाद भी तसलीम और नजराना ने नहीं कबूला जुर्म

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मेरठ। लिसाड़ी गेट के सुहेल गार्डन में परिवार के पांच लोगों की हत्या में नामजद नईम का भाई तसलीम और भाभी नजराना 20 दिन से पुलिस हिरासत में हैं। दोनों नामजद आरोपियों ने जुर्म नहीं कबूला और न ही पुलिस अभी तक उनके खिलाफ सुबूत जुटा पाई है। सवाल उठता है कि आखिर पुलिस वारदात में इनकी संलिप्ता होने व न होने के संबंध में कब स्थिति स्पष्ट करेगी।
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इस वारदात का मुख्य आरोपी नईम पुलिस मुठभेड़ में ढेर हो गया था। दूसरा आरोपी सलमान भी पैर में गोली लगने से घायल हुआ था। सलमान को पुलिस ने कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के सुहेल गार्डन में आठ जनवरी की रात को राजमिस्त्री मोईन, उनकी पत्नी आसमा और तीन बेटियां अक्शा (8), अजीजा (4) और अलईफ्शा (1) की हत्या हुई थी। नौ जनवरी की रात पांचों के शव मिले थे। आसमा के हापुड़ निवासी भाई आमीर अहमद की ओर से मोईन के सौतेले दो भाई नईम, तसलीम व भाभी नजराना को नामजद और अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने तभी तसलीम और नजराना को हिरासत में ले लिया था। पुलिस की जांच में पता चला था कि नईम ने ही सलमान के साथ मिलकर हत्याकांड को अंजाम दिया है।
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पुलिस का कहना है कि नईम और सलमान हत्याकांड को अंजाम देकर सबसे पहले तसलीम के घर पहुंचे थे। इसके अलावा तसलीम मुंबई में हुए दोहरे हत्यकांड में भी वांछित बताया गया, मगर अभी तक मुंबई पुलिस ने भी यहां आकर तसलीम से कोई पूछताछ नहीं की है।
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि तसलीम और नजराना से पूछताछ अभी जारी है। दोनों पुलिस की हिरासत में है। विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट का पुलिस को इंतजार है।

नईम ने शवों को बेड के अंदर रख कर आराम किया
मेरठ। सुहेल गार्डन हत्याकांड का मुख्य आरोपी नईम उर्फ नईम बाबा उर्फ जमील तांत्रिक भी था। पुलिस के अनुसार वह शातिर अपराधी था, जो यहां पांच हत्या करने से पहले मुंबई में दो और दिल्ली व उत्तराखंड में एक-एक हत्या कर चुका था। वारदात के बाद वह अपना नाम पता और पत्नी भी बदल लेता था। पांच लाख रुपये नहीं देने पर उसने आठ जनवरी को अपने सौतेले भाई मोईन की हत्या की। इसके बाद उसकी पत्नी आसमा और बाद में तीनों मासूम बेटियाें अक्शा, अजीजा और अलईफ्शा का भी कत्ल कर दिया।
इसके बाद उसने प्राॅपर्टी के कागजात आदि तलाश किए और इसी बेड पर लेट कर आराम किया। अल सुबह मकान के गेट का ताला लगा कर नईम और सलमान वहां से चुपचाप चले गए। हत्या करने के बाद दिन में नईम दो बार फिर से घटनास्थल पर पहुंचा और पड़ोसी से मोईन के बारे में पूछा। यह भी कहा कि गेट पर ताला बंद कर परिवार वाले कहां चले गए। नजराना भी दो बार मकान पर आई थी और पड़ोसी से मोईन के परिजनों के बारे में पूछा था। शाम को तसलीम ने आकर ताला तोड़ा था, तब अंदर पांचों परिजनों के शव बरामद हुए थे।
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