इसके अलावा मेरठ से निकल रही शूटिंग प्रतिभाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री ने 21 फरवरी 2019 को मेरठ में बनने वाली रेंज को अपने प्रोजेक्ट में शामिल किया था। जिसमें तीन दिंसबर 2019 को 13 करोड़ 51 लाख का प्रस्ताव बनाकर लखनऊ भेजा गया था। लेकिन 2020 व 21 में कोरोना महामारी के कारण रेंज प्रस्ताव अटका हुआ था। वहीं सोमवार को इंतजार खत्म हो गया। जिसके बाद खिलाड़ियों के चेहरों पर चमक आ गई हैं। कैलाश प्रकाश स्टेडियम की एमडीआरए की रेंज की जगह पर इसका निर्माण होगा।
इंतजार खत्म, मेरठ के शूटरों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार
मेरठ में आधुनिक शूटिंग रेंज के प्रस्ताव पर कैबिनेट में पास होने पर शूटरों में जबरदस्त उत्साह है। शूटरों ने कहा कि बहुत दिन से रेंज के निर्माण का इंतजार कर रहे हैं, जो अब खत्म हुआ है। शूटरों ने रेंज के कैबिनेट में प्रस्ताव पास करने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया। कहा अब मेरठ के खिलाड़ियों को अन्य प्रदेशों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
कलीना निवासी अंतरराष्ट्रीय शूटर सौरभ चौधरी विदेश में ट्रेनिंग ले रहे हैं, उन्होंने फोन पर बात करते हुए कहा कि अब यहां के युवा शूटरों को अन्य प्रदेशों का रुख नहीं करना पड़ेगा। सरकार का आभार व्यक्त किया।
मवाना खुर्द निवासी अंतरराष्ट्रीय शूटर शहजर रिजवी ने कहा सामान्य वर्ग के लोगों को सस्ते में प्रशिक्षण के लिए मदद मिलेगी, जबकि कंप्यूटराइज्ड रेंज से मैडल लाने में आसानी होगी। ये सरकार का अच्छा कदम है।
भैंसा गांव निवासी अंतरराष्ट्रीय शूटर रवि कुमार ने कहा हमारे समय में प्रशिक्षण के लिए समस्याओं से जूझना पड़ता था। लेकिन इस अहम कदम से नए शूटरों को लाभ मिलेगा। सरकार का एक बढ़िया कदम है।
राष्ट्रीय शूटर अर्चना मलिक ने कहा हम अभी तक स्टेडियम में मैनुअल रेंज पर अभ्यास कर रहे थे। लेकिन अब उम्मीद है कि जल्द कंप्यूटराइज्ड रेंज मिलेगी। ये प्रदेश सरकार का सराहनीय कदम है।
राष्ट्रीय शूटर रजनी मलिक ने कहा हमने तो उम्मीद ही छोड़ दी थी। लेकिन कैबिनेट में प्रस्ताव पास होने पर बहुत खुशी हो रही है। सरकार का बहुत बहुत धन्यवाद।
क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी आले हैदर ने कहा करीब डेढ़ साल से प्रस्ताव कोरोना के कारण अटका था। सोमवार को एक अच्छी खबर मेरठ मंडल के लोगों के लिए आई है। प्रदेश सरकार ने शूटरों को जो तोहफा दे दिया है, वो मिल का पत्थर साबित होगा।