उत्तर प्रदेश के मेरठ में सात दिसंबर को रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी और अखिलेश यादव पहले बार एक ही मंच से गरजेंगे। पहले यह सिर्फ रालोद की रैली होनी थी लेकिन बाद में इसे गठबंधन की रैली कर दिया गया। अखिलेश यादव के चुनाव अभियान संयोजक लाठर चार दिन तक यहीं रहकर रैली की तैयारियों को अंतिम रूप देंगे।
मेरठ के दबथुवा में सात दिसंबर को होने वाली गठबंधन की पहली रैली को सपा-रालोद ने प्रतिष्ठा से जोड़ लिया है। इसी दिन गोरखपुर में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की रैली प्रस्तावित है। गठबंधन की रैली की तैयारियों के लिए विधान परिषद सदस्य संजय लाठर आज मेरठ पहुंचेंगे।
विज्ञापन
अखिलेश यादव के चुनाव अभियान संयोजक लाठर चार दिन तक यहीं रहकर रैली की तैयारियों को अंतिम रूप देंगे। दबथुआ में पहले रालोद की ही रैली होनी थी, लेकिन बाद में इसे गठबंधन की रैली में तब्दील कर दिया गया। यह पहला मौका होगा जब दोनों युवा नेता चुनाव से पहले एक साथ होंगे।
सपा-रालोद की कोशिश है कि भीड़ के लिहाज से यह रैली ऐतिहासिक हो। इसकी वजह भी है। सात दिसंबर को गोरखपुर में पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी की रैली है।
शुक्रवार को अखिलेश यादव झांसी में थे, वहां से कार्यक्रम होते ही उन्होंने लाठर को मेरठ पहुंचने के निर्देश दिए। लाठर अखिलेश यादव की सभी रैलियों में दो-तीन दिन पहले पहुंचकर रैली की कमान संभाल रहे हैं। उन्हें रैली, रोड शो और चुनाव प्रबंधन का विशेषज्ञ माना जाता है।
प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल भी आज आएंगे
सपा और रालोद गठबंधन की रैली की तैयारियों को लेकर आज सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल जेल रोड स्थित सपा पार्टी कार्यालय पर बैठक करेंगे। वह चार दिन मेरठ में ही रहेंगे। सपा जिला अध्यक्ष राजपाल सिंह ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष को सर्किट हाउस में रुकवाना था, लेकिन प्रशासन से अनुमति नहीं मिली है। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि वहां कमरे खाली नहीं हैं।