मेडिकल कॉलेज के 35 भवनों के छतों को सोलर पैनल लगाया गया है। इससे 1.5 मेगा वाट विद्युत उत्पन्न की जाएगी, जिसका उपयोग मेडिकल कॉलेज परिसर, चिकित्सालय, मरीज और छात्र हित में किया जाएगा। अभी तक मेडिकल का करीब तीन से चार करोड़ रुपये सालाना बिजली का बिल आता है।
डॉ सोमेंद्र तोमर ने बताया कि सौर ऊर्जा एक बेहतर विकल्प है। उत्तर प्रदेश सरकार ने किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज लखनऊ, बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज गोरखपुर के बाद लाला लाजपत राय स्मारक मेडिकल कॉलेज मेरठ में सोलर पावर प्रोजेक्ट लगवाया है।
इस प्रोजेक्ट के शुरू हो जाने के बाद 90 लाख से एक करोड़ रुपये प्रति वर्ष के बिजली बिल की बचत होगी, जिसे मरीज हित में खर्च किया जाएगा। जापान की कंपनी से सोलर पावर प्रोडक्शन प्लांट के निर्माण के लिए अनुबंध किया गया था। प्रोजेक्ट में उच्च गुणवत्ता के उपकरण प्रयोग किए गए हैं, जिससे निर्बाध रूप से मेडिकल को विद्युत आपूर्ति मिलती रहेगी।