इस मामले में एसडीएम अखिलेश यादव ने ग्रामीणों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। साथ कहा कि इस मामले में निष्पक्षता से पूरी जांच कराई जाएगी। वहीं सैकड़ों ग्रामीण तहसील जाने की जिद पर अड़े हुए थे। एसडीएम अखिलेश यादव और थाना प्रभारी विजय बहादुर ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास कर रहे हैं।
वहीं, किसान जगबीर के आत्मदाह के प्रयास के मामले में डीएम दीपक मीणा ने जांच बैठा दी है। एडीएम प्रशासन अमित कुमार और एसपी देहात कमलेश बहादुर जांच करेंगे। डीएम ने 48 घंटे में रिपोर्ट मांगी है।
डीएम ने कहा कि अगर कोई दोषी मिला तो सख्त एक्शन होगा। उन्होंने कहा कि पहली प्राथमिकता पीड़ित के बेहतर इलाज की है। डीएम ने कहा कि वन विभाग की जमीन पर अतिक्रमण की शिकायत थी, जिससे अतिक्रमण हटाया गया था। किसान जगबीर जमीन की दोबारा से पैमाइश की एप्लीकेशन लेकर पहुंचे थे, लेकिन जांच और कार्रवाई से पहले ही आत्मदाह कर लिया। जांच में किसी की लापरवाही मिली तो सख्त एक्शन होगा।
सीएचसी के चिकित्सक डॉक्टर अनिल शर्मा ने बताया कि किसान 70 फीसदी जल गया है। उसे मेरठ के लिए रेफर किया गया है। वहीं ग्रामीणों ने वन विभाग पर किसान की फसल को जबरन जोतने का आरोप लगाया गया है।
ग्रामीणों से बात करते मंत्री दिनेश खटीक
- फोटो : Amar Ujala
अलीपुर मोरना गांव में किसान जगबीर के घर पर गांव के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र के सैकड़ो लोग पहुंच चुके हैं, जो लगातार वन विभाग और इस मामले में दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई कर रहे हैं। उनका कहना है कि वन विभाग के अधिकारियों द्वारा लगातार किसानों का शोषण किया जा रहा है। इस अवसर पर राज्य मंत्री दिनेश खटीक में पहुंचकर परिजनों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
एडीएम प्रशासन अमित कुमार, एसडीएम अखिलेश यादव,एसपी देहात कमलेश बहादुर, सीओ सौरभ साहित आसपास के कहीं थानों की पुलिस फोर्स मौके पर है। शासन प्रशासन के अधिकारी लगातार ग्रामीण और परिजनों को समझा बूझकर हर संभव मदद का आश्वासन दे रहे हैं लेकिन ग्रामीण लगातार इस मामले के दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
राज्य मंत्री दिनेश खटीक में कहा कि इस मामले में जगबीर की हर संभव मदद की जा रही है, अगर वन विभाग के अधिकारी दोषी है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख नितिन पोसवाल ने कहा कि वन विभाग के अधिकारियों के द्वारा लगातार क्षेत्र के किसानों का शोषण किया जा रहा है जिनके खिलाफ कोई अधिकारी कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। यही कारण है कि आज जगबीर को आत्महत्या जैसा कदम उठाना पड़ा।
फिलहाल सुरक्षा व्यवस्था को संभालने के लिए सैकड़ो पुलिसकर्मी मौके पर हैं। साथ ही साथ इस घटना से अलीपुर मोरना के साथ-साथ गुर्जर समाज के लोगों में भी भारी आक्रोश है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि जगबीर मेरठ के न्यूटिमा हॉस्पिटल में भर्ती है जहां पर उसकी हालत अभी चिंताजनक बनी हुई है। राज्य मंत्री दिनेश खटीक ने न्यूटिमा हॉस्पिटल के डॉक्टर संदीप गर्ग से फोन कर जगबीर का हाल जाना। जहां पर डॉक्टर संदीप गर्ग में स्थिति नाजुक होने की बात कही है।
किसान जगबीर के घर पर गुर्जर समाज के साथ-साथ आसपास के गांव के सैकड़ों लोग गांव में पहुंच चुके हैं, जो इस समय पीड़ित किसान के घर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की जिद पर अड़े हैं।
पिता को इंसाफ न मिलने पर नाराज होकर गांव के टॉवर पर चढ़ा आकाश
अलीपुर मोरना गांव में जगबीर मामले मे तक कोई कार्रवाई न होने पर छोटा बेटा आकाश गांव लगे टावर पर चढ़ गया। जिसे देखकर ग्रामीण और पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया आनंद फाइनल में सैकड़ो ग्रामीण और पुलिसकर्मी टावर के नीचे पहुंचे जहां पर वह ऊपर चढ़े आकाश को नीचे उतरने के लिए अपील कर रहे हैं।
राज्य मंत्री दिनेश खटीक ने सुबह गांव में पहुंचकर पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद के लिए कुछ रुपए दिए थे जिसका विरोध आकाश ने किया और रुपए वापस दिलाने के लिए कहा साथ ही उसने कहा था कि उसके पिता को इंसाफ नहीं मिल रहा जी लिए वह भी आत्म हत्या करेगा इसलिए वह गांव में लगे टावर पर चढ़ गया।
उचित कार्यवाही के आश्वासन के बाद टावर पर चढ़े आकाश को करीब 30 मिनट के बाद टावर से नीचे उतर गया।