ठंड अधिक होने के कारण रात में कोई भी ग्रामीण बाहर नहीं निकाला, जिस कारण इस हादसे की जानकारी किसी को नहीं लगी। सुबह तीन बजे गुरुद्वारा साहिब के पाठी बाबा सरबजीत सिंह पाठ करने के लिए गुरुद्वारा में पहुंचे तो शव देखकर घटना की जानकारी हुई। सूचना पर गांव के लोग एकत्र हो गए।
इसके बाद हस्तिनापुर थाना प्रभारी विजय बहादुर और सीओ मवाना सौरभ सिंह मौके पर पहुंचे। वहीं, फॉरेंसिक टीम ने भी सबूत जुटाए। मौके से पिस्टल के दो खोखे बरामद हुए हैं। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने को कहा तो ग्रामीणों ने विरोध कर दिया। पत्नी अंजू के मायके से आने के तीन घंटे बाद शव को मोर्चरी भेजा गया।
घटना के बाद गमजदा परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
छह लोगों के खिलाफ हत्या की नामजद रिपोर्ट दर्ज
तीरथ सिंह की हत्या के मामले में पिता प्रभु सिंह ने हस्तिनापुर थाने में लतीफपुर गांव निवासी छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। तहरीर में कहा गया कि तीरथ सिंह की हत्या चुनावी रंजिश के कारण की गई है। लतीफपुर के पूर्व प्रधान सज्जन सिंह व उसका भाई मंजीत सिंह पुत्र जसवंत सिंह प्रधानी के चुनाव से रंजिश रखते हैं। क्योंकि उनके बेटे तीरथ ने अपने भाई के साले दिलदार सिंह को चुनाव लड़ाया था, जिसमें सज्जन सिंह चुनाव हार गया था।
इसके बाद से ही सज्जन और उसका भाई मंजीत उनके बेटे तीरथ सिंह को मारने की धमकी दे रहे थे। एसपी देहात कमलेश बहादुर ने बताया कि लतीफपुर निवासी पूर्व प्रधान सज्जन सिंह, परमजीत सिंह उर्फ गुल्ला व कुलदीप सिंह उर्फ मकड़ी व मंजीत, सन्नी उर्फ मनप्रीत, प्रेम सिंह के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, ससुराल से लौटा था तीरथ
तीरथ की हत्या के बाद पिता प्रभु सिंह और माता शीला कौर का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों ने बताया कि तीरथ की काशीपुर में ससुराल है। शनिवार को वह पत्नी अंजू कौर, बेटी नवप्रीत (6) और बेटा अर्शदीप (3) को छोड़कर घर लौटा था। पत्नी अंजू बार-बार रोते हुए यही कहती रही कि अब बच्चों का पालन पोषण कैसे होगा। ग्रामीणों का कहना था कि तीरथ अपनी जमीन में खेती और मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण कर रहा था। ग्रामीणों ने बताया कि तीरथ सिंह पिछले कई दिनों से गुरुद्वारा साहिब के पास चल रहे लंगर में सेवा कर रहा था।
यह भी पढ़ें: Ram Mandir Ayodhya: राम मंदिर के लिए त्याग का अभिप्राय बन गए चंपत राय, कहे जाते हैं रामलला के पटवारी