दो सैनिटाइजर और 8 एंटीबायोटिक दवाओं के नमूने फेल
मेरठ। एफएसडीए की ड्रग्स यूनिट द्वारा जनवरी से जुलाई तक लिए 58 नमूनों की रिपोर्ट आई है, जिनमें से दो सैनिटइजर और 8 एंटीबायोटिक दवाओं के नमूने फेल हो गए। ड्रग्स इंस्पेक्टर पवन शाक्य ने बताया कि लखनऊ से औषधि प्रशासन के पास आई रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। सैनिटाइजर में अल्कोहल की मात्रा कम निकली है। एंटीबायोटिक में भी रेपर पर दवाओं की जो मात्रा लिखी गई थी वह नहीं निकली है।
इससे पहले भी कंकरखेड़ा में पकड़ी गई फैक्टरी में बन रहा सैनिटाइजर लैब में हुई जांच में भी नकली निकला था। आईएमए के सचिव डॉ. अनिल नौसरान का कहना है कि कम गुणवत्ता सैनिटाइजर का इस्तेमाल बेहद खतरनाक है, क्योंकि लोगों को भ्रम रहता है कि वे असली सैनिटाइजर इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में वे कोरोना संक्रमण की चपेट में आसानी से आ सकते हैं।
5063 सैंपलों की जांच, एक मरीज मिला
शनिवार को 5063 सैंपलों की जांच हुई। इनमें कोरोना का एक मरीज मिला। सक्रिय केस 9 हैं। इनमें से चार अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि चार होम आइसोलेशन में हैं। एक लापता है। अब तक 66006 लोगों को कोरोना की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 65156 की छुट्टी हो चुकी है।