स्वयं घोषित पदाधिकारी चला रहे ऋषभ एकेडमी
मेरठ। ऋषभ एकेडमी का संचालन स्वयं घोषित सदस्य कर रहे हैं। विद्यालय में कार्यवाहक प्रधानाचार्य की नियुक्ति कर दी गई है। इसके अतिरिक्त 35 लाख रुपए की एफडीआर एक सदस्य ने ले ली है। जानकारी देते हुए संस्थापक सदस्य ने डिप्टी रजिस्ट्रार को ज्ञापन सौंपा।
संस्थापक सदस्य शरद जैन ने कहा कि रंजीत जैन के स्कूल से जाने के बाद कुछ लोग स्वयं घोषित संस्था के पदाधिकारी बन गए हैं। कार्यवाहक प्रधानाचार्य ने सीबीएससी से कोई भी अप्रूवल लिए बिना ही स्कूल के सभी महत्वपूर्ण कागजातों पर दस्तखत करने शुरू कर दिए हैं। डिप्टी रजिस्ट्रार चिट फंड एंड सोसायटी के यहां शिकायत दर्ज कराई गई है। इस विषय पर सदर थाने में विवेचना चल रही है।
शरद जैन ने कहा कि शिक्षा परिषद के अंतर्गत संचालित ऋषभ एकेडमी की लगभग 35 लाख रुपये की एफडीआर एक सदस्य और उसके साथियों ने हड़प ली है। वर्ष 2013 में भी इस मामले में कुछ लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हुई। मामले में भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कुछ सदस्य बार-बार अपने निजी इस्तेमाल के लिए स्कूल से धन ले जाते रहे हैं। फर्जीवाड़ा करते हुए तीन संस्थापक सदस्यों के स्थान पर 14 संस्थापक सदस्य बना दिए हैं।