एक ओर रैपिड रेल कॉरिडोर का निर्माण तेज गति से चल रहा है। वहीं, शताब्दीनगर से मोदीपुरम तक बिजली लाइनों को भूमिगत कर दिया गया है। करीब 18 किमी क्षेत्र में 33केवी, 11 केवी और 0.4 केवी की लगभग 120 किमी से ज्यादा लंबी, डबल सर्किट लाइन मुख्य सड़क के दोनों ओर भूमिगत बिछाई गई है। इसी स्ट्रेच में 50 ट्रांसफॉर्मर भी स्थानांतरित किए जा चुके है। लगभग 95 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है।
दिल्ली से मेरठ तक 1100 से ज्यादा इंजीनियर और 10 हजार कर्मचारी दिन- रात कॉरीडोर के निर्माण में लगे हैं। अभी तक 40 किमी का फाउंडेशन और 10 किमी के वायडक्ट के अलावा 900 से ज्यादा पिलर भी तैयार किए गए हैं। एनसीआरटीसी कॉरीडोर के रास्ते में आने वाले बिजली की हाईटेंशन लाइनों और ट्रांसफार्मर को भी बदलता जा रहा है। पुराने सिंगल सर्किट लाइन के बदले डबल सर्किट भूमिगत लाइन बिछाई जा रही है। जहां भी पुरानी सर्किट की एक से ज्यादा लाइनें हैं, वहां प्रति लाइन डबल सर्किट (एक रनिंग और एक स्टैंडबाई के रूप में) बिछाई जा रही है।