ये होती है मिलावट
- खोए में चावल के आटे का प्रयोग होता है। ऐसे में मिठाई में स्टार्च अधिक हो जाता है।
- मोतीचूर के लड्डू में आर्टिफिशियल रंगों का प्रयोग किया जाता है। ये रंग सेहत पर सीधा प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं।
- काजू कतली की सुंदरता बढ़ाने के लिए चांदी के वर्क के स्थान पर एल्युमिनियम का प्रयोग किया जाता है।
- पनीर बर्फी बनाने में कॉर्न स्टार्च और यूरिया का प्रयोग किया जाता है।
मिठाई में इन केमिकल का होता है प्रयोग
मिठाइयों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए सोडियम बेनजोनेट, एसकोर्बिक एसिड, प्रोपियोनिक एसिड का प्रयोग किया जाता है। चिकित्सक डॉ. अनिल शर्मा के अनुसार इन एसिड युक्त मिठाइयों के सेवन से पेट और छाती में जलन, पेट में दर्द, सिर दर्द और बेहोशी जैसे लक्षण होते हैं। हालांकि अत्यधिक सेवन और लगातार सेवन सेहत पर बहुत ही प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
मिलावटी खाद्य पदार्थ खाने पर शुरुआत में पेट की समस्या होती है। इसके लगातार सेवन से किडनी व लिवर पर प्रभाव पड़ सकता है। कैंसर जैसी बीमारियों का भी खतरा है।
- डॉ. तनुराज सिरोही, मेरठ
मिष्ठान विक्रेता फूड कलर के स्थान पर सिंथेटिक कलर का प्रयोग करते हैं। यह मिठाई एफएसडीए के मानक से बाहर हो जाती हैं। विभाग इस संबंध में कार्रवाई करेगा।
- अनिल गंगवार, एफएसओे
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