पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मोर्चा के घटक संगठनों ने सोमवार को रेलवे स्टेशनों और ट्रैक पर धरना दिया। सभी जिलों में धरने के चलते ट्रेनें स्टेशनों पर खड़ी रहीं। इस दौरान यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
मेरठ में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने परतापुर रेलवे स्टेशन और सकौती रेलवे स्टेशन के अलावा कंकरखेड़ा फ्लाईओवर के नीचे रेलवे ट्रैक पर धरना दिया। वहीं बागपत में अग्रवाल मंडी टटीरी, बड़ौत और कासिमपुर खेड़ी में धरना दिया। बिजनौर में मौअज्जमपुर नारायण रेलवे स्टेशन पर किसानों ने धरना दिया। इस दौरान सिद्धबली एक्सप्रेस को बिजनौर स्टेशन पर 4:20 बजे तक रोक कर रखा गया। लखनऊ से चंडीगढ़ जा रही एक्सप्रेस ट्रेन को पहले एक घंटा बिजनौर और फिर किरतपुर में रोका गया। वहीं नगीना रेलवे स्टेशन और नजीबाबाद स्टेशन पर भी ट्रेनें खड़ी रहीं।
उधर, सहारनपुर में भाकियू कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें स्टेशन परिसर में ही रोक दिया। काफी देर चले हंगामे के बाद कार्यकर्ताओं ने बैरीकेड हटाकर प्लेटफार्म पर प्रदर्शन किया। चंडीगढ़-मदुरई एक्सप्रेस को देवबंद रेलवे स्टेशन पर पांच घंटे रोके रखा। सरयू यमुना एक्सप्रेस और कोलकाता से अमृतसर जाने वाली ट्रेन को सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर पांच घंटे रोककर रखा।
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मुजफ्फरनगर में भाकियू कार्यकर्ताओं ने मंसूरपुर में जालंधर इंटरसिटी को पांच घंटे रोके रखा। खतौली और रोहाना स्टेशनों पर धरना दिया। कोच्चीवली एक्सप्रेस पांच घंटे तक मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन पर खड़ी रही। शामली में भी किसान यूनियन कार्यकर्ताओं ने ट्रैक पर धरना दिया।
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