100 बीघा शत्रु संपत्ति पर काट दिए प्लॉट
जांच में हुआ खुलासा, जमीन का ब्योरा जुटाकर एसडीएम ने भेजी रिपोर्ट
अंकित चौहान
बागपत। शत्रु संपत्ति घोषित जमीन पर प्लॉट काट कर बेच दिए गए और प्रशासन बस चिट्ठी जारी करता रहा। इनमें भी जिलाधिकारी कार्यालय से शत्रु संपत्ति की जांच के लिए जारी हुए 21 पत्रों में से 14 तहसील के रिकॉर्ड में उपलब्ध ही नहीं है। एसडीएम ने करीब 100 बीघा शत्रु संपत्ति चिह्नित कर डीएम को रिपोर्ट भेजी है। जिलाधिकारी राजकमल यादव ने बताया कि शत्रु संपत्ति चिह्नित करके रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। उसे शासन को भेजा जा रहा है। जल्द ही इसमें आगे की कार्रवाई होगी।
शहर में सबसे ज्यादा शत्रु संपत्ति यमुना पक्का घाट के पास मिली है। इस जमीन को कई बार बेचा गया और प्लॉट काट दिए। करीब एक दर्जन प्लाट पर मकान बनाने के लिए दीवारें खड़ी कर दी गईं। दिल्ली रोड पर बाग के पास भी शत्रु संपत्ति मिली है। इसमें ज्यादातर शत्रु संपत्ति ऐसे लोगों के नाम मिली है जो यहां से पाकिस्तान जा चुके हैं। एसडीएम ने कंवर शमशाद अली, कंवर अख्तर अली, कंवर शाहिद अली, कंवर सज्जाद अली पुत्रगण नवाब जमशेद अली की बागपत खादर खतौनी वर्ष 1408-1413 के खाता संख्या 38 में उल्लेखित भूमि को शत्रु संपत्ति घोषित करने की संस्तुति की है। इसके अलावा बागपत बांगर में भी इस श्रेणी की जमीन मिली है।
कलक्ट्रेट से जारी हुए पत्र, तहसील में मिले ही नहीं
वर्ष 2000 में शत्रु संपत्ति की जांच शुरू हुई थी, इसके बाद जिला प्रशासन लगातार तहसील को पत्र लिखता रहा, लेकिन वह पत्र या तो तहसील पहुंचे ही नहीं या फिर उन्हें गायब कर दिया गया। ऐसे 21 पत्रों में सात पत्र ही रिकॉर्ड मिले हैं।