पश्चिमी यूपी में गर्मी अपने पूरे चरम पर है। शरीर में पानी की कमी की भरपाई करने के लिए पिछले करीब एक माह में ग्लूकोज और ओआरएस की मांग चार गुना बढ़ गई है।
गर्मी पूरे शबाब पर है। सरकारी अस्पतालों में मरीजों से बेड फुल हैं। उल्टी, दस्त, बुखार और पेट संबंधी बीमारियां बढ़ रही हैं। शरीर में पानी की कमी हो रही है, जिसकी भरपाई करने के लिए पिछले करीब एक माह में ग्लूकोज और ओआरएस की मांग मार्च और अप्रैल माह के मुकाबले चार गुना से भी अधिक बढ़ गई है। जिला ड्रगिस्ट एंड केमिस्ट एसोसिएशन के मुताबिक हर रोज जिले में करीब 35 लाख रुपये तक ग्लूकोज और ओआरएस दवा स्टोर पर बिक रहा है।
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केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के महामंत्री रजनीश कौशल ने बताया कि खैरनगर में 100 मेडिकल स्टोर थोक में ग्लूकोज बेचते हैं। इनकी हर रोज की बिक्री करीब 15 से 20 लाख रुपये है। इसके अलावा शहर के दूसरे इलाकाें में भी करीब 250 मेडिकल स्टोर ओआरएस थोक में बेचते हैं, उनकी भी हर रोज बिक्री 10-15 लाख रुपये है। ड्रगिस्ट एंड केमिस्ट एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष सुधीर कुमार ने बताया कि ग्लूकोज और ओआरएस की मांग ज्यादा है और सप्लाई कम हो रही है।
इसलिए देते हैं डॉक्टर ओआरएस घोल पीने की सलाह
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. वीके बिंद्रा ने बताया कि ओरल रिहाइड्रेशन साल्ट यानी ओआरएस की मदद से दस्त के दौरान शरीर में इलेक्ट्रोलाइट की कमी को पूरा किया जाता है। दस्त के साथ-साथ उल्टी और अधिक पसीना आने की स्थिति में भी शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की मात्रा को संतुलित बनाए रखने के लिए, खासकर बच्चों को ओआरएस का घोल दिया जाता है।