बताया गया कि पांचों आरोपियों को गाड़ी से सुरक्षा में अहमदाबाद ले जाया जाएगा। किस तरह से पेपर लीक किया गया, इसका क्राइम सीन दोहराने के समय वीडियोग्राफी की जाएगी।
इसके अलावा गुरुग्राम के रिजॉर्ट में एक हजार के करीब अभ्यर्थियों को पेपर लीक कराया गया था, उसका भी दोबारा निरीक्षण किया जाएगा। बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि कंकरखेड़ा थाने में दर्ज रिपोर्ट में जेल गए आरोपियों की संपत्ति भी खंगाली जा रही है। इन सभी के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई भी की जाएगी।
आरोपियों का दूसरे राज्यों के लोगों से कनेक्शन भी खंगाला जा रहा है। माना जा रहा है कि आरोपी दूसरे राज्यों में भी पहले कई परीक्षाओं के पेपर लीक करा चुके हैं। एएसपी ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं ताकि उन्हें जल्द जमानत न मिल सके।
ये है मामला
उत्तर प्रदेश पुलिस सिपाही भर्ती की दो पाली की परीक्षा का पेपर लीक हो गया था। इस मामले की जांच एसटीएफ को सौंपी गई थी। जांच के बाद खुलासा हुआ कि अहमदाबाद स्थित टीसीआई ट्रांसपोर्ट कंपनी से पांच और आठ मार्च को पेपर लीक हुआ था। एसटीएफ इस मामले में 15 मुकदमे दर्ज कराकर 54 आरोपियों को जेल भेज चुकी है। गिरोह के मुख्य आरोपी रवि अत्री और राजीव नयन मिश्रा अभी फरार चल रहे हैं। शुक्रवार को गुरुग्राम से रिसॉर्ट मालिक को भी गिरफ्तार कर लिया गया।