हर ग्राम पंचायत में अपनी आवश्यकता के अनुसार कैमरे और पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाए जाने है। इन सभी में पर्याप्त स्टोरेज की व्यवस्था रहेगी। ये कैमरे और पब्लिक एड्रेस सिस्टम पुलिस कमांड एवं कंट्रोल सिस्टम से संबद्ध किए गए है। सुरक्षा समेत अन्य जानकारी के लिए पुलिस को तत्काल इसका फीडबैक उपलब्ध कराया जाएगा।
जिले में सभी ग्राम पंचायतों में कैमरे नहीं लग पाए है। दो महीने पहले 45 फीसदी गांव में ही कैमरे लगे थे। इसी दौरान लोकसभा चुनाव आए गए, जिससे जिले की सभी बड़ी ग्राम पंचायतों में सीसीटीवी कैमरे लग गए है। अब जिले में 70 प्रतिशत यानि करीब 335 ग्राम पंचायतों में ये कैमरे लग चुके है।
चुनाव में निगरानी में सहायक रहे कैमरे
जिले में हुए लोकसभा चुनाव में ग्रामों में लगे सीसीटीवी कैमरे और पब्लिक एड्रेस सिस्टम बडे़ सहायक रहे है। ग्रामों में सार्वजनिक स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को पुलिस चौकियां और थानों से संबद्ध किया गया था। पुलिस वहां से ही सभी संबंधित ग्रामों पर नजरे रखती रही।
ऑपरेशन त्रिनेत्र योजना में जिले की सभी ग्रामों पंचायतों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं। करीब 70 फीसदी ग्राम पंचायत में कैमरे लग चुके हैं। बाकी में ही जल्द लगवाए जाएंगे। हाल में हुए लोकसभा चुनाव में ग्रामों में लगाए गए कैमरे पुलिस प्रशासन के लिए बड़े कारगर साबित हुए हैं। -रेणु श्रीवास्तव, जिला पंचायत राज अधिकारी