त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के अंतिम चरण की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। जहां प्रशासन ने अपनी तैयारियों को और पुख्ता करने का प्लान तैयार कर लिया है। वहीं प्रत्याशियों ने भी इन दस दिनों में मैदान तैयार करने की रणनीति बनानी शुरू कर दी है। इस चरण में खासतौर पर वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष मनिंदरपाल की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। अन्य उम्मीदवार भी अपने समर्थित दिग्गजों को चुनावी क्षेत्र में उतारकर अपना माहौल बनाएंगे।
पंचायत चुनाव अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर गया है। अब आखिरी जंग बाकी है। राजनीतिक दलों के अलावा निर्दलीय उम्मीदवारों ने कमर कस ली है। 29 अक्तूबर को होने जा रहे अंतिम चरण में जिला पंचायत के नौ वार्डों में चुनाव होगा। जिसमें कुल 133 प्रत्याशी मैदान में होंगे। इस चरण में जिला पंचायत के वार्ड 6 से 14 तक चुनाव होना है।
जिनमें छह वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। सबसे ज्यादा दावेदार वार्ड 7 और वार्ड 13 में 20-20 हैं तो सबसे कम वार्ड आठ में मात्र छह प्रत्याशी मैदान में है। अंतिम चरण वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष मनिंदरपाल सिंह और उनकी पत्नी सिंपल सिंह के लिए अहम होगा। सिंपल वार्ड आठ से चुनावी रण में हैं जबकि मनिंदर पाल सिंह वार्ड छह से ताल ठोक रहे हैं। इसके अलावा अन्य कई उम्मीदवार यहां से मैदान मारने केलिए दिन-रात एक कर रहे हैं।
दिग्गज बनाएंगे माहौल
अपने-अपने उम्मीदवार को समर्थन देने के लिए सभी दलों के सूरमा इस चुनावी रण में जमकर पसीना बहाएंगे। चूंकि समय लंबा है। दस दिन का यह समय सभी दलों के दिग्गजों की प्रतिष्ठा तय करेगा। बसपा, भाजपा और सपा तीनों के लिए यह चुनाव अहम है। बाकी दल भी ताल ठोंक रहे हैं। ऐसे में वे प्रत्याशी भी पक्ष-विपक्ष के रूप में प्रचार में उतरने वाले हैं, जिनका चरण पूरा हो चुका है।
जेब पर पड़ेगा भारी
इस चरण के अभी दस दिन हैं। ऐसे में प्रत्याशियों की जेब पर यह चरण भारी पड़ रहा है। प्रशासन की लाख कोशिशों के बावजूद जमकर धन लुटाया जा रहा है। शराब का भी दौर चल रहा है तो मिठाईयों का भी। हालांकि कई जगह से सरकारी टीम ने शराब पकड़ी है पर उम्मीदवार प्रचार पर खुलकर खर्च कर रहे हैं।
प्रशासनिक तैयारी होगी पुख्ता
पहला चरण शांति से निपटा। दूसरे में राधना में बवाल हुआ। तीसरे में करीमनगर में बूथ कैप्चरिंग हुई। ऐसे में अब प्रशासन के लिए चुनौती बना है कि यह चौथा चरण पूरी तरह से शांतिपूर्वक ढंग से संपन्न हो। समय बहुत है तो प्रशासनिक तैयारियां मुकम्मल की जा सकेंगी। तमाम आला अधिकारी इस पर मशक्कत कर रहे हैं।