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अब पहली मेरिट के प्रवेश चार अक्तूबर तक

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अब पहली मेरिट के प्रवेश चार अक्तूबर तक
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- दूसरे दिन हुए 13 हजार प्रवेश
मेरठ। सीसीएसयू कैंपस और कॉलेजों में यूजी कक्षाओं में प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ाकर चार अक्तूबर कर दी गई है। दूसरे दिन 13 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया। पहली मेरिट से अब चार अक्टूबर तक एडमिशन ले सकते हैं।
सीसीएसयू कैंपस-कॉलेजों में स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। प्रवेश समन्वयक प्रो. भूपेंद्र सिंह ने बताया कि कुछ कॉलेज एडमिशन पोर्टल पर बाद में अपडेट कर रहे हैं, ऐसा न करें, एडमिशन देने के साथ पोर्टल पर अपडेट करें। वहीं, सीसीएसयू कैंपस-कॉलेजों में पांच वर्षीय बीए-एलएलबी, बीकॉम-एलएलबी, तीन वर्षीय एलएलबी और पीजी कोर्सों में रजिस्ट्रेशन जारी हैं।
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छात्रों को निशुल्क दी जाएगी अब डिग्री
मेरठ। सीसीएसयू कैंपस-कॉलेजों के छात्र-छात्राओं से अब डिग्री का शुल्क नहीं लिया जाएगा। अभी तक 2017 के बाद की डिग्री के लिए छात्र-छात्राओं से परीक्षा शुल्क के साथ 250 रुपये डिग्री शुल्क लिया जाता था।
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों को 2017, 2018, 2019 और 2020 की डिग्री छात्रों को निशुल्क देने को कहा है। इन सालों की करीब 53 हजार ऐसी डिग्री विश्वविद्यालय में रखी हुई हैं। रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार ने बताया कि जल्द ही इसको लेकर वेबसाइट पर गूगल फार्म की सूचना दी जाएगी।
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अंग्रेजी में अब अभिज्ञान शाकुंतलम, गीतांजलि पढ़ेंगे छात्र-छात्राएं
मेरठ। सीसीएसयू कैंपस में अंग्रेजी का पाठ्यक्रम अपग्रेड किया गया है। पाठ्यक्रम में कई भारतीय लेखकों और कवियों को शामिल किया गया है। छात्र-छात्राएं अब महाकवि कालिदास के अभिज्ञान शाकुंतलम को पढ़ेंगे। सच्चिदानंद हीरानंद अज्ञेय की शेखर एक जीवनी के दोनों खंड को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। एमए अंग्रेजी के पाठ्यक्रम में खुशवंत सिंह के उपन्यास दिल्ली को सम्मिलत किया गया है। रविंद्र नाथ टैगोर की गीतांजलि, जवाहरलाल नेहरू की डिस्कवरी ऑफ इंडिया, विजय तेंदुलकर के नाटक के अलावा कबीर दास के दोहे, अमृता प्रीतम की रिवेन्यू स्टैंप भरतमुनि के नाट्य शास्त्र से रस सिद्धांत को भी लिया गया है। पाठ्यक्रम में भरतमुनि के नाट्य शास्त्र से रस सिद्धांत को भी लिया गया है। एमए अंग्रेजी के पेपर में दो वैकल्पिक प्रश्न पत्र रखे गए हैं। इनमें ऑस्ट्रेलियन और लिटरेचर एंड थियेटर को भी छात्र-छात्राएं कैंपस में पढ़ेंगे। बोर्ड ऑफ स्ट्डीज की बैठक में संयोजक प्रो. विकास शर्मा, प्रो. रविंद्र कुमार और प्रो. प्रतिभा त्यागी मौजूद रहे। इसी सत्र से एमए के पाठ्यक्रम में इनको पढ़ा जा सकेगा।
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